फतेहाबाद। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने कहा कि अरावली पर्वत क्षेत्र से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विपक्ष जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है, ताकि जनता को भ्रमित किया जा सके। केंद्र सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर प्रकृति के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।
बराला सोमवार को पीएम श्री स्कूल में जरूरतमंद छात्राओं को जर्सियां वितरित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक दुड़ाराम ने की।
टोहाना को जिला बनाए जाने के सवाल पर बराला ने कहा कि वे स्वयं चाहते हैं ऐसा हो लेकिन इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार द्वारा गठित समिति लेती है। यह समिति विभिन्न पैरामीटर और मानकों के आधार पर स्थिति का आकलन करती है और तथ्यों व जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फैसला किया जाता है।
हाल ही में संपन्न सांसद खेल महोत्सव पर उन्होंने कहा कि इन खेलों के दूरगामी और सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। इससे गांवों से खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी, युवाओं का रुझान नशे से हटकर खेलों की ओर बढ़ेगा और स्वस्थ समाज का निर्माण होगा। आने वाले समय में सिरसा लोकसभा क्षेत्र से ओलंपिक विजेता भी निकलेंगे।
मेडिकल कॉलेज के विवाद पर उन्होंने कहा कि जहां कॉलेज घोषित हुआ है वहीं उसका निर्माण होना चाहिए। वहीं गोरखपुर परमाणु संयंत्र पर उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2029 तक यह बिजली उत्पादन शुरू कर देगा। इस अवसर पर भाजपा मीडिया प्रभारी कंवल चौधरी, जिले सिंह बराला, लायक राम गढ़वाल, प्रमोद बेनीवाल, संजय सिंगला आदि मौजूद रहे।
कश्मीरी युवक से मारपीट को गलत ठहराया :
कश्मीरी युवक के साथ फतेहाबाद में हुई मारपीट की घटना को बराला ने गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि किसी को जबरदस्ती भारत माता की जय बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। वैसे जिस धरती मां से हम रोजी-रोटी कमाते हैं, उसकी जय बोलने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।