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Fatehabad News: अभी खेतों में पक रही एक लाख एकड़ धान की फसल

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गांव रजाबाद के बाद दोबारा रोपित धान की फसल, जो पकने को तैयार है।
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फतेहाबाद। जिले में आई बाढ़ के कारण एक लाख से अधिक एकड़ का धान का रकबा प्रभावित हुआ था। इस रकबे पर किसानों ने दोबारा धान के हाईब्रीड बीजों से बिजाई की थी। अब यह फसल पक रही है और नवंबर के तीसरे सप्ताह में फसल कटेगा। वहीं दूसरी ओर धान खरीद का शेड्यूल 15 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है, जिस कारण किसानों को अपनी धान की फसल बेचने में जद्दोजहद करनी पड़ सकती है। वहीं इस मामले में उपायुक्त ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर धान खरीद का शेड्यूल बदलने की मांग की है।
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फतेहाबाद में जुलाई माह में घग्गर नदी के कारण आई बाढ़ से सबसे अधिक धान की फसल प्रभावित हुई थी। खेतों में पांच से सात फुट तक पानी भर गया था और धान की पौध पानी के साथ ही बह गई। जिले के रतिया, टोहाना, जाखल व फतेहाबाद खंड में एक लाख 13 हजार 291 एकड़ धान की फसल खराब हुई थी और इसमें से एक लाख तीन हजार 601 एकड़ पर धान की दोबारा रोपाई हुई है। फतेहाबाद खंड में 9140 एकड़ रकबे पर दोबारा फसल बिजाई भी नहीं हो पाई है। वहीं बारिश व सेम के कारण भट्टूकलां क्षेत्र में भी 2705 एकड़ फसल को नुकसान हुआ था। यहां पर दोबारा से 1515 एकड़ में ही दोबारा बिजाई हुई है।
बाढ़ का पानी निकला तो कृषि विभाग व अन्य किसानों ने बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद के लिए उनको हाईब्रीड धान की पनीरी उपलब्ध करवाई। यह धान दो माह में तैयार हो जाती है। अब यह फसल पककर तैयार तो है, लेकिन इसके सूखने पर ही इसे काटा जा सकता है। किसानों के अनुसार, नवंबर के तीसरे सप्ताह में ही इस फसल को काटा जा सकेगा। 15 नवंबर से सरकार धान खरीद का शेड्यूल बंद करने जा रही है, ऐसे में नई रोपाई की गई धान वाले क्षेत्र के किसानों को अपनी धान बेचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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किसानों पर पड़ी दोहरी मार, अभी तक नहीं मिला मुआवजा
फतेहाबाद जिले में किसानों पर धान को लेकर इस बार दोहरी मार पड़ी है। गांव रजाबाद के निहाल सिंह, हरिओम, बरसीन के जिला सिंह, सुखवंत सिंह, बोसवाल के लवप्रीत सिंह ने बताया कि पहले धान की रोपाई के समय उनको करीब 15 हजार रुपये प्रति एकड़ का खर्चा लेबर सहित आया था। दोबारा धान रोपाई पर खर्चा बढ़कर 15 हजार रुपये से बढ़कर 17 हजार रुपये हो गया। उन्होंने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उनको कोई मुआवजा नहीं मिला है। दिवाली भी उनकी खाली ही जाने वाली है और अगर धान खरीद का शेड्यूल बंद हुआ तो अधिक परेशानी होगी।


उपायुक्त ने खरीद की समय अवधि बढ़ाने की मांग की
डीसी अजय सिंह तोमर ने जिले में खरीफ सीजन वर्ष 2023-24 के दौरान धान खरीद की समय अवधि बढ़वाने बारे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के महानिदेशक को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उपायुक्त ने विभाग के महानिदेशक से अनुरोध किया है कि जिला में 30 नवंबर तक पैडी की खरीद की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो और उनकी फसल खरीदी जा सके। उन्होंने बताया कि जिला में बाढ़ के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा रोपित की गई पीआर धान की कटाई की अंतिम तिथि 25 नवंबर है, जबकि धान की सरकारी खरीद के बंद होने की अंतिम तिथि 15 नवंबर है। इसलिए इसे बढ़ाया जाए।

खंड वाइज धान नुकसान व दोबारा रोपाई का ब्योरा
खंड नुकसान बिजाई नहीं हो पाई रोपाई
फतेहाबाद 45430 एकड़ 36240 एकड़ 9190
टोहाना व जाखल 29666 एकड़ 29666 एकड़ 500 अन्य फसलें
रतिया 37695 एकड़ 37695 एकड़

भट्टू में बारिश के कारण खराब हुई थी फसल
बारिश व सेम के कारण भट्टू कलां खंड की 2705 एकड़ फसल खराब हुई थी। इसमें से 1515 एकड़ में दोबारा फसल उगाई गई है। इस खंड में 1190 एकड़ में अन्य फसलों की बिजाई नहीं हो पाई।

कोट
जिले में बाढ़ व बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ था। एडीसी, रतिया के एसडीएम, मार्केट कमेटी व कृषि तथा किसान कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति मुख्यालय से खरीफ फसल खरीद का सीजन 30 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की गई है।
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-अजय सिंह तोमर, उपायुक्त, फतेहाबाद
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