मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। दुनिया में आने के कुछ घंटे बाद ही अपने बच्ची को प्लास्टिक के कट्टे में डाल सड़क किनारे छोड़ गए। मामला फतेहाबाद के गांव बरसीन के पास का है जहां पर सड़क किनारे कट्टे में एक बच्ची रोते हुए मिली है। यहां तक कि बच्ची के साथ नाल भी जुड़ी हुई थी। बच्ची का पता राहगीरों को तब चला जब सड़क किनारे पड़े कट्टे में से रोने की आवाज सुनी। घटना की सूचना मिलने के बाद शहर पुलिस टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। बच्ची को एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल में लाया गया।
बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए सीपेप (एक तरह का वेंटिलेटर) पर रखा गया है। बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऑक्सीजन लेवल कम ज्यादा हो रहा है। शाम तक बच्ची की हालत में कुछ सुधार हुआ है। नर्सरी में दो-दो डॉक्टर निगरानी रख रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची का जन्म 8 से 10 घंटे पहले ही हुआ है। बच्ची जब सड़क किनारे मिली उस समय तेज हवाएं चल रही थी। बच्ची के कट्टेनुमा बैग के ऊपर फोम को लकड़ी का सहारा देकर ओट कर रखी थी।
बच्ची न रोती तो नोच सकते थे जानवर
मामले के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 8 बजे गांव बरसीन से निकलने के बाद भूना की तरफ राहगीरों ने सड़क किनारे एक कट्टे में से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। जब राहगीरों ने कट्टे को देखा तो उसमें नवजात बच्ची थी और उसके पेट के साथ नाल जुड़ी हुई थी। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देकर नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। राहगीरों के मुताबिक बच्ची के अगर रोने की आवाज न आती तो शायद उसे जानवर नोंच कर मार डालते।
2 किलो 400 ग्राम बच्ची का वजन
बच्ची को जब नागरिक अस्पताल में लाया गया तो यहां पर शिशु रोग विशेषज्ञ न होने के कारण पैनल पर लिए गए सद्भावना अस्पताल के डॉक्टर अमन गोयल को बुलाया गया। डॉ. अमन गोयल ने जब जांच की तो पता चला कि बच्ची का जन्म 8 से 10 घंटे पहले ही हुआ है। बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हो रही और ऑक्सीजन लेवल कम ज्यादा हो रहा है। फिलहाल शिशु रोग विशेषज्ञ अमन गोयल और मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदित्य दहमीवाल बच्ची के स्वास्थ्य पर निगरानी रखे हुए हैं। डॉक्टरों की मानें तो बच्ची जब मिली तो उसके साथ नाल जुड़ी हुई थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि डिलिवरी घर पर ही हुई है और इसके बाद बच्ची को यहां पर छोड़ दिया गया।
बयान ---
बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, उसे मशीन में ऑक्सीजन पर रखा गया है। बच्ची का जन्म रात को ही हुआ है। फिलहाल बच्ची के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।
- डॉ. अमन गोयल, शिशु रोग विशेषज्ञ, सद्भावना अस्पताल।
बयान ---
बच्ची को सुबह जब लाया गया था तो हालत नाजुक थी, शाम को कुछ सुधार हुआ है। उम्मीद है बच्ची जल्द स्वस्थ हो जाएगी। अगर स्वस्थ हो जाती है तो रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी
- डॉ. आदित्य दहमीवाल, एमओ, नागरिक अस्पताल।