फतेहाबाद। सावन माह के पहले दिन इंद्रदेव जिलावासियों पर मेहरबान हो गए। वीरवार सुबह पूरे जिले में अच्छी 25 एमएम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं शहरों में अनेक स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशान होना पड़ा। बारिश फसलों के लिए भी वरदान साबित हुई है और नरमा व धान सहित अन्य फसलों को इस बारिश से संजीवनी मिली है। जाखल में भारी बारिश होने से मास्टर कॉलोनी में गड्ढे में जलभराव हो गया, जिससे एक स्कूल वैन गड्ढे में फंस गई।
फतेहाबाद शहर में वीरवार सुबह आसमान में काले घने बादल छा गए और जोरदार बारिश आरंभ हो गई। बारिश के कारण जहां शहर पानी पानी दिखाई दिया, वहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। सावन की पहली बारिश के कारण शहर के अनेक हिस्से जलभराव से घिर गए, जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के हॉट स्पॉट बने धर्मशाला रोड व जवाहर चौक पर भी वीरवार को जलभराव हुआ, लेकिन धीरे-धीरे पानी निकलता जा रहा था। वहीं जलभराव की स्थिति शहर के अन्य हिस्सों में भी रही। शहर की पुरानी कचहरी रोड, जीटी रोड, एमसी कॉलोनी, बीघड़ मोड़, सामान्य अस्पताल एरिया सहित शहर के लगभग सभी हिस्से जलभराव से जूझते नजर आए। शहर के बीघड़ मोड़ के पास पुराना सीवरेज आज भी उफान मार रहा था और सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा था। जवाहर चौक में सीवरेज उफान पर दिखाई दिए। हालांकि बारिश से फसलों को खासा फायदा हुआ है। बारिश होने से नरमा व धान की फसल को काफी फायदा होगा। धान की रोपाई में अब तेजी आएगी और जो धान रोपी जा चुकी है, उसके लिए फायदेमंद रहेगी। वहीं ग्वार व अन्य फसलों तथा सब्जियों के लिए भी यह फसल काफी लाभदायक है।
जाखल संवाददाता के अनुसार, जाखल में भारी बारिश होने से मास्टर कॉलोनी में गड्ढे में जलभराव हो गया, जिससे एक स्कूल वैन गड्ढे में फंस गई। वहीं सावन की पहली बरसात में ही जाखल क्षेत्र के विकास के दावों की पोल खोली दी। वीरवार की सुबह के समय हुई एक से दो घंटे की बरसात ने जहां सड़कों पर भारी जलभराव हुआ, वहीं गलियों में जलभराव होने के कारण घरों में भी पानी घुस गया। जिसके कारण लोगों ने भारी रोष जताया है। रतिया, टोहाना, कुुलां व भूना में भी अच्छी बारिश हुई है।
जिला में कहां हुई कितनी बारिश
खंड बारिश
फतेहाबाद 11
जाखल 41
कुलां 08
टोहाना 50
रतिया 06
भूना 34
कोट
बारिश से किसानों की फसलों को काफी फायदा होगा। इस समय उमस व गर्मी के कारण नरमा की फसल को पानी की अति आवश्यकता थी। यह बारिश नरमे की फसल के लिए वरदान सिद्ध होगी और धान की फसल की रोपाई का कार्य भी तेजी पकड़ेगा।
राजेश सिहाग, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।