रक्तदान करते हुए मुस्लिम समाज के लोग। स्त्रोत- जागरूक पाठक
टोहाना। शहर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मुस्लिम सोसायटी ने ईद उल अजहा को अनूठे तरीके से मना कर समाज के सामने मिसाल कायम की है। ईदगाह में नमाज के बाद सभी नमाजी मानव संगम ब्लड बैंक में पहुंचे और वहा लगे शिविर में रक्तदान किया। शिविर में 14 लोगों ने रक्तदान किया।
मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्त नालियों में नहीं इंसान की नाड़ियों में बहना चाहिए। बकरा बलि और अन्य कुरीतियों का त्याग कर मानवता की भलाई के कार्य किए जाएंगे। मानव संगम चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान सतपाल नंहेड़ी ने बताया कि सोसायटी का यह दूसरा रक्तदान शिविर है।
कोरोना योद्धा डॉ. अशोक तनेजा ने इसे मानव हितकारी पहल बताया। उन्होंने बताया कि इसी तर्ज पर हर समाज के लोगों को एकजुट होकर हर पर्व पर रक्तदान करना चाहिए। यह रक्त थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को दिया जाएगा। इस कैंप में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रधान राजेंद्र, उप प्रधान सदीक खान, सचिव मोहम्मद अली और सह सचिव संदीप खान मौजूद रहे।
रक्तदान करना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। आज 50वी बार रक्तदान करके खुशी हो रही है। हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान जरूर करना चाहिए।
-अब्दुल खान, रक्तदानी
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पहली बार रक्तदान करके खुशी मिल रही है हर व्यक्ति को प्रत्येक तीन महीने बाद रक्तदान करना चाहिए। इससे हम तीन लोगों की जान बचा सकते हैं।
-गुलजार खान, रक्तदाता
रक्तदान करके थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की मदद कर सकते है, खासकर गर्मी के सीजन में रक्त की कमी ज्यादा हो जाती है। रक्तदान करना मानवता का धर्म है।
-रफीक खान, रक्तदाता