फतेहाबाद। शहर की पुरानी अनाज मंडी में करीब दस वर्षों से मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण यहां की स्थिति बदहाल है। मंडी परिसर में जगह-जगह फर्श और इंटरलॉकिंग टाइलें टूटने से गहरे गड्ढे बन गए हैं। कई सीवरेज चैंबर धंस चुके हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे आढ़तियों, किसानों और मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान रामकुमार, प्रहलाद, रोशन लाल और आढ़ती सुरेंद्र, धीरज व मनोज ने बताया कि धान सीजन में मंडी में बड़ी संख्या में किसान और वाहन पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर फर्श और जलभराव से परेशानी बढ़ सकती है।
मंडी में कई स्थानों पर टूटे फर्श और इंटरलॉकिंग टाइलों के कारण गहरे गड्ढे हैं। बारिश होने पर इनमें पानी भर जाता है। कुछ सीवरेज चैंबरों के आसपास जमीन धंसने से हादसे का खतरा भी बना हुआ है। किसानों के वाहनों को इन स्थानों से गुजरने में दिक्कत होती है।
धान सीजन से पहले मरम्मत की मांग :
किसानों ने मंडी में साफ-सफाई, जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि खरीद के दौरान मंडी में पहले ही काफी भीड़ रहती है। बारिश होने पर जलभराव से किसानों को फसल लाने और उसे सुरक्षित रखने में परेशानी हो सकती है। इससे फसल खराब होने की आशंका भी रहती है। आढ़ती सुरेश, राजेंद्र और नरेश ने बताया कि हर साल फसल सीजन से पहले मंडी की व्यवस्थाएं सुधारने के दावे किए जाते हैं लेकिन स्थायी मरम्मत की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। धान सीजन में किसानों और वाहनों की संख्या बढ़ने पर टूटा फर्श, धंसे सीवरेज चैंबर और जलभराव बड़ी समस्या बन जाते हैं।
:: शहर की पुरानी अनाज मंडी में मरम्मत कार्य व तारकोल की सड़कों पर परत बिछाने के लिए फरवरी माह में करीब 45 लाख रुपये कर अस्टीमेट बनाया गया था। उसके बाद तारकोल के भाव में तेजी आ गई है। इससे टेंडर नहीं लग पाए हैं। अब दोबारा अस्टीमेट बनेगा उसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
छोटूराम जेई, मार्केटिंग बोर्ड, फतेहाबाद।