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Fatehabad News: अफसर मेहरबान, शहर के एक हजार से ज्यादा निर्माण, 80 ही नक्शे पास

Sun, 02 Aug 2026 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के नगर परिषद के पास बनी मोबाइल मार्केट व क्लॉथ मार्केट संवाद
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फतेहाबाद। शहर में नक्शे पास करवाए बिना ही भवनों का निर्माण हो रहा है। हालात ये है कि जहां के नक्शे पास हो रहे हैं उनमें भी गड़बड़ी सामने आ रही है। नक्शा एक फ्लोर का पास हो रहा है और निर्माण दो से तीन फ्लोर हो रहे हैं। नगर परिषद में इस साल 80 भवनों के नक्शे पास हुए हैं। जबकि स्थिति ये है कि एक हजार से ज्यादा बिल्डिंगों का हर साल निर्माण हो रहा है।
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पिछले साल की रिपोर्ट भी अच्छी नहीं है। करीब 101 नक्शे ही पास हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि नगर परिषद ने पिछले एक साल में इन अवैध निर्माणों के खिलाफ कोई सर्वेक्षण नहीं किया है। यहां तक कि किसी भी भवन मालिक को नोटिस तक जारी नहीं किए गए हैं। सीधे तौर पर नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत या उदासीनता को दर्शाता है।
कई मामलों में भवन मालिक केवल तभी नक्शे पास करवाते हैं जब उन्हें बैंक से ऋण लेना होता है। ऋण प्रक्रिया के लिए नक्शे की मंजूरी अनिवार्य होती है। इसके बाद ही वे नगर परिषद से संपर्क करते हैं। अन्यथा, अधिकांश निर्माण बिना किसी वैध अनुमति के ही पूरे हो जाते हैं।
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10 फीट जगह छोड़े बिना किया निर्माण, नोटिस जारी
नगर परिषद के पास दुकानों के निर्माण को लेकर भी गड़बड़ी सामने आई है। शिकायत अधिकारियों के पास पहुंची तो नोटिस जारी हुए है। दो दुकानदारों ने 10 फीट बरामदे की जगह छोड़े बिना ही निर्माण कर लिया। अब नगर परिषद प्रशासन ने मामले में नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। सवाल ये भी है कि निर्माण के दौरान कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
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सीएम फ्लाइंग के पास पहुंची शिकायतें
समाजसेवी राधेश्याम सोनी ने अवैध निर्माण को लेकर शिकायत सीएम को भेजी है। इसके बाद सीएम फ्लाइंग हिसार ने भी मामले में जांच शुरू की है। पिछले दिनों फतेहाबाद के भट्टू रोड पर भी टीम ने निर्माण को लेकर जांच की थी।
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बैंक ऋण और मंजूरी की प्रक्रिया
अवैध निर्माणों के पीछे एक प्रमुख कारण नक्शे पास कराने की प्रक्रिया में ढिलाई है। कई भवन मालिक केवल तभी नक्शे पास करवाते हैं जब उन्हें बैंक से ऋण की आवश्यकता होती है। बैंक ऋण के लिए संपत्ति के वैध दस्तावेज और स्वीकृत नक्शे अनिवार्य होते हैं। इस मजबूरी के चलते ही कुछ लोग नगर परिषद से संपर्क करते हैं। अन्यथा अधिकांश निर्माणकर्ता बिना किसी औपचारिक मंजूरी के ही अपना काम पूरा कर लेते हैं।
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पोर्टल बंद रहने के कारण पहले दिक्कत आई थी। जो आवेदन आ रहे हैं उन्हें नियम अनुसार चेक करके मंजूरी दी जा रही है। नगर परिषद के पास दो दुकानों के निर्माण को लेकर नोटिस दिया गया है लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं आया है।
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- सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद
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