जाखल खंड के गांव उदयपुर में सोमवार हरसैक की लोकेशन पर चैक करने गए कृषि विकास अधिकारी सुभाष चंद्र, सुपरवाइजर अणुव्रत व पटवारी अनिल कुमार की टीम को ग्रामीणों ने मौके पर बंधक बना लिया। मामले का पता लगने पर मौके पर ही उच्च अधिकारी एग्रीकल्चर एसडीओ मुकेश महला, कृषि अधिकारी डॉ. अजय ढिल्लो, बीडीपीओ विभाग के एसडीओ भूपेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राम चंद्र, ब्लॉक एग्रीकल्चर अधिकारी परमिंदर सिंह, जाखल थाना के एसएचओ विक्रम जोशन ने जाकर किसानों को समझाया और आश्वासन पर किसानों ने 3 घंटे के बाद अधिकारियों को छोड़ दिया गया।
किसान संघर्ष समिति से लाभ सिंह, बाबू सिह तलवाड़ा, जरनैल सरोय, सतीश सिधानी, अमनदीप सिंह, जग्गी महल और उत्तम सिंह आदि ने बताया कि सरकार किसानों को बेवजह परेशान कर रही है। हरसैक से लोकेशन कई बार गलत निकल चुकी है। पहले भी मुंदलियां में ऐसा ही कार्य हुआ था। जहां पर पराली जलाने के बारे में हरसैक की लोकेशन पर अधिकारियों ने जांच की थी। वहां पर भी लोकेशन झूठी पाई गई थी। सोमवार को भी लोकेशन गलत सिद्ध हुई है जिसके कारण किसानों को भी जानबूझकर केस का डर दिखाकर परेशान किया जा रहा है। विभाग उन्हें मशीने दें ताकि वह पराली प्रबंधन कर सके। इसी कारण उन्हें अधिकारियों को गुरुद्वारा में बंधक बनाना पड़ा। एग्रीकल्चर अधिकारी डॉ. अजय ढिल्लो ने बताया कि हरसैक की लोकेशन पर जो टीम पराली जलने के बारे में जांच करने गई थी परंतु किसानों ने जब देखा कि अधिकारी गांव में पराली प्रबंधन के बारे में रिपोर्ट बना रहे हैं तो किसानों ने उदयपुर गुरुद्वारे में ही अधिकारियों को बंधक बना लिया। परंतु मौके पर उच्च अधिकारियों ने जाकर स्थिति को संभाला और बंधक बनाए गए अधिकारियों को वहां से मुक्त करवाया।