इसके साथ अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी अनेक फैसलों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। उपरोक्त प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करके शनिवार से ही अग्रवाल समाज ने इस फैसले को लागू कर दिया है।
अग्रवाल सभा के प्रधान राजकुमार सिंगला की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी पाबंदी लगा दी गई है। जिसका उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रधान एवं सभा के उपप्रधान कैलाश बंसल, उपप्रधान प्रवीन जैन, सचिव सज्जन सिंगला व बृजलाल बंसल, कोषाध्यक्ष श्याम लाल गोयल के अतिरिक्त अनिल जैन, अशोक गोयल, ईश्वर गर्ग, हरिओम गोयल, सतीश बंसल, जितेंद्र बंसल, विजय बंसल, राजकुमार बंसल, अशोक सिंगला, विजय सिंगला, महाबीर प्रसाद गोयल, फकीर चंद मित्तल, ओमप्रकाश बंसल, विनोद सिंगला, सुशील बंसल, धर्मपाल गोयल, सतपाल सिंगला, महेंद्र गोयल, दीवान चंद, पवन कुमार गोयल, शिव कुमार सिंगला, नंद किशोर गर्ग, सुरेश कुमार, मिठन लाल, साधुराम, महाबीर प्रसाद आदि सैकड़ों अग्रवाल बंदु शामिल थे।
इन पर भी लगी पाबंदी
बैठक में समाज के सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में सामाजिक कुरीतियों एवं बुराइयों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण समाज को भी पूर्ण रूप से लागू करने के लिए हिदायत दी गई हैं।
इनमें कन्या की शादी में अपने परिवार को छोड़कर मिठाई नहीं बांटनी, बेटे की शादी समारोह में किसी प्रकार का कोई शगुन नहीं लेना, ढुकाव व निकासी के समय महिलाओं का घोड़ी रथ के आगे नहीं नाचना, रथ घोड़ी के आगे रुपये उछालकर लक्ष्मी का अपमान न करना, रिश्तेदारों को भी ऐसा करने से रोकना आदि शामिल हैं।
इसे साथ ही शादी में शराब की ओपन स्टाल तथा वेटरों से सप्लाई न करवाना, किसी की मृत्यु होने पर बैठने का समय प्रात:9 बजे से 1 बजे तथा शाम 3 से 6 तक निश्चित करना, मृत्यु पर संस्कार के बाद भोजन का खर्चा रिश्तेदारों से नहीं लेना, शोक प्रकट करने आए रिश्तेदारों को सब्जी न लाने को कहना, कन्या की शादी में स्थानीय लोगों का लंच एवं डिनर नहीं करना, शादी के समय भातियों -मामों से मिलन केवल परिवार व कुटुंब की होनी चाहिए, गृह प्रवेश, पुत्र-पुत्री जन्म आदि उपलक्ष्यों के सिवाय अन्य किसी जागरण के समय स्थानीय लोगों का खाना नहीं होना, शादी का निमंत्रण कार्ड लोकल, सिंपल एवं सस्ता होना आदि प्रस्ताव पास किए गए हैं।