फतेहाबाद। पेंशन के लिए जन्मतिथि सत्यापन को लेकर भटक रहे हजारों बुजुर्गों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण ने नियमों में बदलाव करते हुए बड़ा बेटा या बेटी की उम्र के आधार पर माता-पिता की जन्मतिथि सत्यापित करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी परिवार में सबसे बड़े बेटे या बेटी की उम्र 40 वर्ष या उससे अधिक है तो उसके माता-पिता को बुजुर्ग पेंशन के लिए पात्र माना जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि इस स्थिति में माता-पिता की आयु स्वाभाविक रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक होती है।इस निर्णय के लागू होने के बाद जन्मतिथि सत्यापन के लिए बुजुर्गों को विभागीय दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग क्रीड को जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। प्रस्तावित व्यवस्था में यह भी प्रावधान रखा गया है कि जब तक किसी मौजूदा पेंशनभोगी की आयु का सत्यापन पूरा नहीं हो जाता तब तक उसकी पेंशन पर रोक नहीं लगाई जाएगी। पेंशन पहले की तरह नियमित रूप से जारी रहेगी। इस कदम से विशेष रूप से उन बुजुर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है जिनके पास जन्मतिथि से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
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बुजुर्गों को अब नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर
परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण की ओर से जिले के दो लाख से अधिक पेंशन पात्रों को जन्मतिथि सत्यापन कराने के संदेश भेजे गए थे। वहीं, नए आवेदक भी पेंशन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक बुजुर्गों के पास स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, वर्ष 2019 से पहले का पहचान पत्र, पासपोर्ट अथवा 10वीं कक्षा की अंकतालिका जैसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे नागरिकों को अब क्रीड विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बुजुर्गों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय बताया है।
मेरे पास आयु सत्यापन का संदेश आया था। मेरे पास स्कूल का प्रमाणपत्र उपलब्ध है, इसलिए मैंने जन्मतिथि सत्यापन के लिए आवेदन कर दिया लेकिन जिन लोगों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं उनके बड़े बेटे या बेटी की आयु 40 वर्ष होने पर माता-पिता की आयु स्वतः 60 वर्ष से अधिक मानकर पेंशन का लाभ मिलना बड़ी राहत होगी।
- जगसीर सिंह, गांव बलियाला
परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण का यह फैसला लागू होने के बाद बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से राहत मिलेगी। मेरे पास जन्मतिथि सत्यापन के लिए मांगे गए दस्तावेज में केवल पुराना पहचान पत्र था जो अब गुम हो चुका है।
- श्रीचंद
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प्राधिकरण के इस फैसले से हजारों बुजुर्गों को बिना किसी परेशानी के पेंशन का लाभ मिल सकेगा। मेरे पास संदेश आने के बाद काफी प्रयास कर पुराना पहचान पत्र का रिकॉर्ड निकलवाया। नए नियम के लागू होने के बाद अन्य को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- बनवारी लाल, गांव माजरा
जिला प्रशासन के पास अभी तक बड़े बेटे या बेटी की आयु के आधार पर सत्यापन संबंधी कोई लिखित निर्देश नहीं आया है। जैसे ही निर्देश मिलेंगे नए नियमों के अनुसार आयु सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जिन बुजुर्गों के पास प्राधिकरण की ओर से मांगें गए पांचों दस्तावेजों में से कोई भी उपलब्ध नहीं है उन्हें भी इस व्यवस्था से राहत मिलेगी।
- अनुराग ढालिया, अतिरिक्त उपायुक्त, फतेहाबाद।