कार्यकारी अभियंता कृष्ण से मारपीट करते ग्रामीण, अस्पताल में इलाज करवाते कार्यकारी अभियंता, कार्
टोहाना। बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता कृष्ण चिकारा के कार्यालय में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे ट्यूबवेल कनेक्शन लेने के लिए जमकर हंगामा हुआ। गांव गाजूवाला के कुछ लोगों ने कथित रूप से कार्यकारी अभियंता से हाथापाई की उनका गला दबाया और नोटों की दो गड्डियां फेंककर दबाव बनाने का प्रयास किया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में कुछ लोग अधिकारी का गला पकड़ते और रिश्वत मांगने के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं कार्यकारी अभियंता कृष्ण चिकारा का आरोप है कि 4-5 लोगों ने उनके साथ मारपीट की और गलत काम करवाने के लिए पैसे देने का प्रयास किया। विरोध करने पर उन पर हमला किया गया। घायल अधिकारी को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद वह कार्यालय लौट आए।
कृष्ण चिकारा ने बताया कि मामला ट्यूबवेल कनेक्शन से संबंधित है। इस संबंध में तहसीलदार को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और निरीक्षण रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोग कार्यालय पहुंचे और कनेक्शन जारी करने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने कहा कि गलत काम नहीं होगा इस पर उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि दबाव बनाकर नियमों के विपरीत काम करवाने की कोशिश की गई। हमले में उन्हें चोटें आई हैं।
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हमले के बाद कर्मचारी हुए इक्ट्ठे
घटना के बाद अधिकारी को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बारे में हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन प्रधान सूरजमल ने कहा कि बिजली निगम कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में घुसकर मारपीट करना गैरकानूनी है आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए नहीं तो डिवीजन के सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
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ग्रामीणों ने बिचौलिये के जरिए रिश्वत मांगने के लगाए आरोप
गांव गाजुवाला निवासी देवेंद्र सिंह ने 6 जुलाई को बिजली मंत्री अनिल विज को शिकायत भेज कर बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार, उकलाना बिजली निगम के एसडीओ विशाल व जेई एस्टीमेट बनाने के बावजूद कनेक्शन देने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि वर्ष 2018 में कृषि भूमि पर ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था जिसके बाद निगम ने वर्ष 2021 में पत्र जारी करते हुए कंसेंट मनी जमा करवाने की बात कही थी। इस पर उसने तीस हजार रुपये जमा करवा दिए थे। मेरे साथ आवेदन करने वाले सभी लोगों को कनेक्शन जारी कर दिए गए। निगम ने तीन से सवा तीन लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया तथा कुछ समय बाद उस फाइल को वापस भेज दिया गया। उसके बाद दो- तीन महीने बाद चार लाख 6 हजार का एस्टीमेट बनाकर दिया गया जिसकी प्रति मुझे दी गई। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो फिर एसडीओ उकलाना से बात की। जिन्होंने कहा कि फाइल कार्यकारी अभियंता कृष्ण के कार्यालय में लंबित पड़ी है। पीड़ित के अनुसार सुमित और अमित नाम के कर्मचारी के माध्यम से एक्सईएन रुपयों की मांग कर रहे थे।