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Fatehabad News: अब यूरिन जांच से लगेगा पता, मरीज ले रहा कौन सा नशा, उपचार का कितना हुआ असर

Wed, 29 May 2024 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल के नशा मु​क्ति केंद्र में जांच के लिए आई यूरिन ड्रग टे​​स्टिंग किट
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फतेहाबाद। नशे को लेकर अब मरीज झूठ नहीं बोल पाएंगे। उनका यूरिन ही बता देगा कि उक्त व्यक्ति नशा ले रहा है या नहीं। अगर ले रहा है तो कौन-सा नशा लिया जा रहा है। नशा मुक्ति केंद्र में स्वास्थ्य विभाग ने यूरिन ड्रग टेस्टिंग किट जारी की है। इसकी खरीद को लेकर विभाग ने 1.80 लाख रुपये का बजट जारी किया था। केंद्र में आने वाले मरीजों की विभाग अब यूरिन जांच करवाएगा। रिपोर्ट आने के बाद मरीज का उपचार शुरू हो पाएगा।
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ये ही नहीं उपचार के बाद मरीज दावा करते है कि उन्होंने नशा छोड़ दिया है। लेकिन यूरिन जांच बताएगी कि वे नशा ले रहे है या नहीं। पहले नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले मरीजों का काउंसिलिंग के आधार पर ही उपचार शुरू किया रहा था। मरीज काउंसिलिंग के दौरान जो बताते हैं उसी के आधार पर डॉक्टर उपचार करते हैं। चिकित्सकों की माने तो यूरिन ड्रग टेस्टिंग किट से नशे की पुष्टि हो जाएगी। इससे डॉक्टरों को उपचार शुरू करने में भी आसानी होगी। नशा मुक्ति केंद्र में पिछले साल 2452 मरीज ओपीडी में आए और 251 मरीज दाखिल हुए।
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किट से 11 तरह के नशों का पता चलेगा
यूरिन मल्टी ड्रग टेस्ट किट से 11 तरह के नशों का पता चल पाएगा। यूरिन जांच से पता चलेगा कि मरीज ने हेरोइन, कोकीन, मोरफिन, ऑक्सीकोडोन, प्रोपोक्सीफीन, एम्फैटेमिन आदि में से किस नशे का प्रयोग किया है।
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नशा मुक्ति केंद्र की ओपीडी में पिछले साल आए इतने मरीज
माह ओपीडी में आए मरीज दाखिल हुए मरीज
जनवरी 282 21
फरवरी 237 24
मार्च 236 15
अप्रैल 180 12
मई 187 36
जून 189 19
जुलाई 190 21
अगस्त 261 27
सितंबर 140 20
अक्तूबर 162 20
नवंबर 205 19
दिसंबर 183 17
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महिलाएं भी ले रही हैं नशा, मेडिकल नशा का प्रयोग बढ़ा
नशा मुक्ति केंद्र में प्रतिदिन 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। काउंसिलिंग में सामने आ रहा है युवा सबसे ज्यादा मेडिकल नशा ले रहे हैं जबकि पहले हेरोइन का नशा ज्यादा लिया जा रहा था। इसके अलावा मरीजों की काउंसिलिंग में सामने आ रहा है कि शराब, चूरापोस्त, अफीम, गांजा आदि का नशा भी किया जा रहा है। महिलाएं भी नशा लेने में पीछे नहीं है। ये भी ग्रुप में नशा ले रही हैं।

यूरिन ड्रग टेस्टिंग विभाग ने जारी की है। पहले मरीज बता देता था कि वह कौन-सा नशा ले रहा है। लेकिन अब टेस्ट से पता चल पाएगा कि मरीज नशा ले रहा है या नहीं ले रहा है। इसके आधार पर आसानी से उपचार शुरू हो पाएगा। - डॉ.गिरीश, इंचार्ज नशा मुक्ति केंद्र
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