फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: ग्रामीणों का आरोप गांव भोड़ा होशनाक की गोशाला में बिना चारा-पानी मर रहीं गायें, गोशाला प्रधान बोले- आरोप झूठे

Wed, 29 May 2024 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
गांव भोड़ा होशनाक की गोशाला में बैठी गाय।
विज्ञापन
फतेहाबाद। हिसार रोड पर फतेहाबाद जिले के अंतिम गांव भोड़ा होशनाक के ग्रामीणों ने गांव मेंं स्थित गोशाला में सही देखभाल न होने से लगातार गायों की मौत होने का आरोप लगाया है। अब तक 12 से अधिक गायों की मौत होने से ग्रामीणों में काफी रोष है।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने गोशाला प्रबंधक कमेटी पर गायों की सही से देखभाल न करने का आरोप लगाया है। गांव के सरपंच रमेश कुमार ने कहा कि पर्याप्त चारे-तूड़ी और पानी के अभाव में गाय तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही हैं। स्थिति ऐसी है कि कई गायें तो एक ही जगह पर पड़ी-पड़ी कंकाल बन गई हैं। जिला प्रशासन व हरियाणा गोशाला संघ से तुरंत मामले की सुध लेने और गायों की मदद के लिए कदम उठाए जाने की मांग की है। इस मामले को लेकर सरपंच व ग्रामीण बुधवार को डीसी से मिलने पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।

-
इस समय गोशाला में हैं 250 गोवंश

सरपंच रमेश कुमार व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नेशनल हाईवे 9 पर श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला स्थापित है। इस गोशाला में इस समय करीब 250 से अधिक गोवंश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गोशाला प्रबंधक कमेटी की लापरवाही के कारण गोशाला में रह रही गायों को न तो समय पर चारा मिल रहा है और न ही उनके पीने के पानी की कोई व्यवस्था है। भीषण गर्मी में दोपहर के समय गायों को बाहर खुले में छोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से हर रोज दो-तीन गायों की मौत हो रही है, जिससे गांव के लोगों में काफी रोष है। सरपंच रमेश कुमार ने कहा कि गोशाला में गायों की हो रही दुर्गति को देखकर पूरे गांव के लोग दुखी हैं और गायों की मौत के लिए गोशाला प्रबंधक कमेटी की लापरवाही को जिम्मेदार मान रहे हैं।
विज्ञापन



आरोप: चंदा खुद डकार रहे, गायें राम भरोसे छोड़ रखी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गोशाला कमेटी को मिलने वाला चंदा प्रधान व अन्य खुद डकार जाते हैं। कई लोग गायों की सेवा के लिए आते थे, लेकिन कमेटी की मनमानी देखकर उन्होंने गोशाला आना ही छोड़ दिया है। पिछले साल 800 मण गेहूं इकट्ठा करके दिया था। मगर उस गेहूं को भी बेच दिया। उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन के अलावा पशु रक्षक संगठनों व हरियाणा गोशाला आयोग के सदस्यों से मांग की है कि वह तुरंत इस मामले को गंभीरता से ले और गोशाला में गायों की हो रही दुर्गति को देखते हुए उनके भोजन, पानी की व्यवस्था करवाए। इसके अलावा गोशाला का सही ढंग से संचालन न कर पाने पर गोशाला प्रबंधक कमेटी को भी बदला जाए।


सरपंच व ग्रामीणों के आरोप झूठे हैं। गोशाला में कोई मदद तो करता नहीं है, अब आरोप और लगा रहे हैं। गोशाला में सात कर्मचारी हैं। गायों के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं हैं। यूं तो एक-दो गाय तो मर ही जाती है।
गोकुल चंद, प्रधान, श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला, गांव भोड़ा होशनाक

:: हमारे पास भोड़ा होशनाक की गोशाला में गायों की बदहाल स्थिति को लेकर कोई शिकायत तो नहीं आई है। बाकी टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी। गायों को बचाने के लिए जो भी व्यवस्था की जरूरत होगी, वह करवाई जाएगी। डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें