फतेहाबाद। पिछले कई सालों से सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। अध्यापक अपने स्तर पर प्रयास भी कर रहे हैं, परंतु उसके बाद भी सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में बढ़ाेतरी नहीं रही है।
ऐसे में अबकी बार प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाने की शुरूआत की गई है। प्रवेश उत्सव मनाने का मुख्य उद्देश्य ड्रॉप आउट बच्चों को वापस स्कूल में लाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए सभी स्कूलों के मुखियाओं को निर्देश जारी किए हुए हैं। सभी राजकीय स्कूलों को जारी आदेशों में कहा गया कि वे प्रचार प्रसार पर ध्यान दें।
इसके तहत स्कूलों में 5-5 हजार रुपये प्रवेश उत्सव व प्रचार प्रसार पर खर्च करने की अनुमति दी गई है। पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को वापस स्कूल में लाने का प्रयास जारी है। ताकि हर बच्चे को शिक्षा मिल सके और अपने भविष्य का निर्माण कर सके। प्रदेश सरकार की ओर से स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड संसाधन समन्वयक, समग्र शिक्षा, सभी स्कूल मुखिया या प्रभारी, सभी विद्यालयों के मुखिया या प्रभारी, स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष को पत्र जारी किया। जिसमें प्रदेश को जीरो ड्रॉप आउट बनाने व राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत प्रवेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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ये पत्र हुआ है जारी
- जीरो ड्राप आउट बनाने व राजकीय स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत प्रवेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर यह पत्र जारी हुआ है। इसमें लिखा है कि माध्यमिक शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक के अनुमोदन के अनुसार सभी स्कूलों को स्कूल फंड से पांच हजार रुपये प्रवेश उत्सव ( शैक्षणिक सत्र 2025-26) के आयोजन एवं प्रचार प्रसार के लिए रुपये खर्च कर सकते हैं। वहीं स्कूल संचालकों को इसका विवरण भी देना होगा कि यह राशि कहां पर खर्च की है।
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अब स्कूल मुखिया पांच हजार रुपये तक खर्च कर सकते हैं। इसके लिए पत्र जारी हो गया है। सभी अध्यापकों को आदेश दिया गया है कि स्कूलों में इस बार विद्यार्थियों की संख्या बढ़े।
- संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।
प्रवेश उत्सव के लिए यही फंड अनुमति प्रवेश उत्सव से पहले दे दी जाती तो सरकारी विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होती। फिलहाल भी प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
- देवेंद्र दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।