जिले के लोगों को जल्द नए बस स्टैंड की सौगात मिलेगी। रोडवेज विभाग के अनुसार जमीन मिलने के बाद करीब छह महीने में नया बस स्टैंड बनकर तैयार हो जाएगा। इससे शहरवासियों को हाइवे पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी।
नए बस अड्डे के लिए गांव धांगड के पास 25 एकड़ जमीन एक्वायर की जाएगी। नया बस अड्डा कई आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इस नए बस अड्डे में बाइस काउंटर खोले जाएंगे। यहां से यात्रियों को दूसरे राज्यों के लिए आसानी से बसें मिल सकेंगी। नए बस अड्डे के लिए हुडा विभाग जल्द ही जमीन एक्वायर करेगा। एक्वायर की गई 25 एकड़ जमीन रोडवेज विभाग को सौंप दी जाएगी। इसके बाद जिला योजनाकार विभाग बस अड्डे का नक्शा पास करेगा। इन सारे कामों में करीब छह महीने का समय लग जाएगा।
तीन एकड़ में बना हुआ है पुराना बस स्टैंड
जिले में पुराना बस अड्डा काफी छोटा है, जो करीब तीन एकड़ भूमि में बना हुआ है। यहां सिर्फ छह काउंटर हैं। साथ ही यहां वर्कशॉप भी है। यहां से दूसरे राज्यों के लिए काफी कम बसों की सेवाएं हैं। बस स्टैंड छोटा होने के कारण लंबे रूट की बसें यहां रुकने से कतराती हैं और सीधे ही निकल जाती है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती है।
बस पकड़ने के लिए लगानी पड़ती है दौड़
मौजूदा बस स्टैंड की बात की जाए तो यहां लंबी दूरी की बसें नाममात्र ही रुकती हैं। ज्यादातर बसें स्टैंड के बाहर ही खड़ी रहती हैं। इसके चलते यात्री मजबूरन बसों के इंतजार में स्टैंड के बाहर हाईवे पर खड़े रहते हैं। बस के आते ही सवारी सड़क पर बिना देखे पकड़ने के लिए दौड़ पड़ती है, जिससे उनकी जान माल का खतरा बना रहता है। मौजूदा बस स्टैंड शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में है, जिस कारण यहां वाहनों का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में बसों के स्टैंड के बाहर रुकने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मिलेंगी कई राज्यों की बसें
नया बस अड्डा बनने से शहरवासियों को एक तो जाम छुटकारा मिलेगा। वहीं, अन्य राज्यों राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तरप्रदेश के लिए बसें उपलब्ध हो सकेंगी। इससे यात्रियों को बार-बार बसें नहीं बदलनी पड़ेंगी।