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प्रशासन ने थमाए जाखनदादी बस्ती को 20 नवंबर तक खाली करने के नोटिस, 47 परिवार सकते में

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रतिया में नोटिस देने पहुंचे अधिकारी। - फोटो : Fatehabad
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रतिया। नगरपालिका की जमीन पर अवैध कब्जे को छुड़वाने के लिए बुधवार को राजस्व विभाग की टीम नोटिस देने के लिए जाखनदादी बस्ती पहुंची। इस दौरान बस्ती के लोगों ने नोटिस लेने से मना कर दिया और कहा कि अगर प्रशासन ने उनसे जबरदस्ती मकान खाली करवाने की कोशिश की तो वह तहसील कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन करेंगे।
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बस्ती के लोगों का कहना है कि वह कई सालों से यहां अपना आशियाना बनाकर रह रहे रहे हैं। उनसे जबरदस्ती यहां से उजाड़ा गया तो वह किसी भी हद तक जा सकते हैं। मगर प्रशासन ने हिदायत दी है कि अगर स्वयं कब्जा खाली न किया तो 21 नवंबर को पुलिस के साथ अवैध कब्जा खाली करवाया जाएगा। प्रशासन की सख्ती के पश्चात कालोनीवासियों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि नगरपालिका द्वारा उपमंडलाधीश की अदालत में याचिका दायर कर जाखनदादी में स्थित करीब 26 कनाल 19 मरले पर कुछ लोगों द्वारा अवैध निर्माण किए जाने का आरोप लगाया है। इस याचिका को लेकर इससे पहले भी प्रशासन द्वारा कॉलोनी में पिछले काफी अर्से से रह रहे लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं और यहां तक की कॉलोनी को खाली न करवाने को लेकर धरने-प्रदर्शन भी किए जा चुके हैं। राजस्व विभाग के कानूनगो गुरमेल सिंह ने जाखनदादी क्षेत्र में रहने वाले करीब 47 लोगों को नोटिस भेजने की पुष्टि करते हुए बताया कि उप मंडलाधीश सुरेंद्र बेनीवाल के आदेशों पर ही संबंधित कॉलोनी में किए गए अवैध कब्जाधारियों को जमीन खाली करने के नोटिस दिए गए हैं।
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पहले भी कानूनगो ने दिए थे नोटिस
उन्होंने बताया कि उनसे पहले निवर्तमान कानूनगो राजेंद्र कुमार ने नोटिस दिए थे और विभाग की टीम के साथ कब्जा खाली करवाने भी गए थे, लेकिन कब्जा कार्रवाई के दौरान झगड़े की आशंका को देखते हुए उन्होंने उपायुक्त को पत्र लिखकर पुलिस सहायता की मांग की थी। बताया जाता है कि इस कार्रवाई के अंतराल में ही लोकसभा व विधानसभा के चुनाव होने के कारण प्रशासन ने एक बार कार्रवाई को स्थगित कर दिया था। कब्जे का मामला आयुक्त के संज्ञान में आने के पश्चात स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई को पुन: आरंभ कर दिया। कानूनगो की ओर से जारी किए गए नोटिस को लेकर आज पटवारी मदन लाल के अलावा नंबरदार की टीम के साथ कॉलोनी में पहुंचे तो संबंधित कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने नोटिस लेने से मना कर दिया और संबंधित नोटिसों पर हस्ताक्षर आदि भी नहीं किए। इसके पश्चात प्रशासन ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने 20 नवम्बर तक अवैध कब्जे को खाली न किया तो 21 नवम्बर को पुलिस सहायता के साथ अवैध कब्जा हटाया जाएगा। इधर दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा की गई सख्ती को लेकर जाखनदादी के लोगों में एकाएक हडक़ंप मचा हुआ है।
यह कहना है कॉलोनिवासियों का
कॉलोनी में रह रहे जीत सिंह, बीबो, नीलम सहित अन्य लोगों का कहना है कि वह पिछले काफी अर्से से ही इस कॉलोनी में रह रहे हैं और उनके घर में बिजली के मीटर व पानी के कनेक्शन भी दिए हुए हैं और अब उन्हें जबरदस्ती यहां से उजाड़ने की प्लानिंग बनाई जा रही है। हर बार चुनाव के दौरान उन्हें इस बात का ही आश्वासन दिया जाता है कि कॉलोनी में रहने वाले लोगों को उजाड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें सरकार की योजना के तहत प्लॉट दिए जाएंगे। उन्होंने पुन: आह्वान किया कि उपरोक्त आश्वासन के तहत उन्हें उजाड़ा न जाए, बल्कि नियमित रूप से ही प्लाट दिए जाएं।
वही मौके पर पहुंचे पटवारी मदनलाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा नगरपालिका की जमीन पर 47 लोगों के खिलाफ अवैध बने मकानों में जगह खाली करने के नोटिस जारी किए हैं मगर बस्ती के लोग नोटिस लेने से मना कर रहे हैं। मदन लाल ने बताया कि 21 तारीख को इस जगह पर कब्जा कार्रवाई की जानी है।
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