दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के मंडल फतेहाबाद का बकाया बिजली बिल लगातार सुरसा के मुख की तरह बढ़ता जा रहा है। बकाया बिलों की राशि 10 करोड़ तक जा पहुंची है। निगम ने इसे सख्ती से लेते हुए 25 हजार डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के नोटिस जारी कर दिए हैं। जिससे उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि उपरी आदेश के चलते उन्हें रिकवरी करनी आवश्यक है। इसके लिए बाकायदा टीमों का गठन भी कर दिया गया है।
फतेहाबाद डिवीजन में हर वर्ग के करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता हैं। जिनमें रिहाइशी से लेकर दुकानें, छोटे उद्योग व कृषि भी शामिल हैं। इसमें फतेहाबाद शहर, फतेहाबाद ग्रामीण, रतिया शहर व ग्रामीण, सब अर्बन भट्टू, बड़ोपल आदि क्षेत्र शामिल हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, निगम ने 30 नवंबर तक बकाया बिलों की सूची मांगी तो दस करोड़ के करीब बिल बकाया निकले। यह आंकड़ा निगम को 20 दिसंबर के बाद मिला। जिसमें फतेहाबाद के शहरी क्षेत्र में दो हजार 34 उपभोक्ताओं के पास 1 करोड़ 23 लाख, ग्रामीण क्षेत्र के 634 उपभोक्ताओं के पास 8 लाख रुपये की राशि बकाया है। इसी तरह फतेहाबाद के अर्द्धशहरी कार्यालय के अधीन आने वाले गांवों में 2978 उपभोक्ताओं के पास 1 करोड़ 47 लाख, रतिया शहर में 279 उपभोक्ताओं के पास 2 करोड़ 7 लाख व रतिया ग्रामीण में 4208 उपभोक्ताओं के पास 1 करोड़ की राशि बकाया है।
रतिया अर्द्धशहरी कार्यालय के अधीन आने वाले गांवों में 1929 उपभोक्ताओं के पास एक करोड़ व भट्टू ग्रामीण क्षेत्र में 4106 उपभोक्ताओं के पास एक करोड़ 46 लाख रुपये की राशि पेंडिंग चल रही है। बड़ोपल के 6239 उपभोक्ताओं के पास 74 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। निगम के कार्यकारी अभियंता जोगिंद्र सिंह ने बताया कि फतेहाबाद डिवीजन में शहरी डिफाल्टर 4824 हैं, जिनके पास तीन करोड़ 30 लाख रुपये की राशि बकाया है। ग्रामीण क्षेत्र में 20 हजार उपभोक्ता हैं, जिनके पास छह करोड़ 59 लाख रुपये बकाया हैं। जबकि, 82 सरकारी कार्यालयों के पास पास करोड़ की राशि बकाया है। उन्होंने बताया कि इन सभी को नोटिस जारी कर बिल भरने को कहा गया है। समय वृद्धि में अगर बिल की अदायगी नहीं हो पाई तो इनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
अगले सप्ताह शुरू होगी कार्रवाई
निगम ने फतेहाबाद 33 केवी, रतिया 33 केवी, भट्टू कलां, बड़ोपल के अधीन पडने वाले बिल डिफाल्टरों से वसूली के लिए सबस्टेशन स्तर पर दर्जनों टीमें गठित की हैं। इनमें अधिकांश के पास जेई या फोरमेन टीम का नेतृत्व करेंगे। यह टीम बिल की रसीद की मांग करेगी और मौके पर ही कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके लिए अलग नोटिस की जरूरत नहीं रहेगी।