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आरसीसी पिलर नहीं, ईंटों की दीवारों पर खड़ी थी गुरुद्वारे की इमारत

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गुरुद्वारा साहिब में श्रमदान करते लोग। - फोटो : Fatehabad
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गांव भूंदड़ा में श्री गुरुद्वारा साहिब की इमारत गिरने के बाद वीरवार को जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल व हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य निरीक्षण करने मौके पर पहुंचे। तमाम हालातों का जायजा लेने के बाद उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा साहिब की इमारत काफी पुरानी व कमजोर थी। इमारत में आरसीसी पिलर नहीं, बल्कि ईंटों की दीवारें ही थीं। इसी कारण इमारत वजन सहन नहीं कर पाई और हादसा हो गया।
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कमेटी ने गुरुद्वारा साहिब इमारत के पुनर्निर्माण के लिए एक लाख रुपये देने व मृतक कारीगर अशोक कुमार के परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं गांव भूदंड़ा के लोगों ने भी मृतक कारीगर के परिवार की आर्थिक मदद करने का फैसला लिया है। ग्रामीण कारीगर की शोक सभा में शामिल होने के लिए राजस्थान में उनके घर जाएंगे। इस अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष जत्थेदार श्रवण सिंह, सदस्य सरदार गुरुचरण सिंह, सरदार गुरजीत सिंह ओलख, गुरमेल सिंह, बाबा बच्चन सिंह रहनखेड़ी, बाबा बक्शीश सिंह, हरदीप सिंह, देवेंद्र सिंह जस्सड़, अमरीक सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरचरण सिंह आदि मौजूद रहे।
गुरुद्वारा में चल रहा था सहजपाठ लड़ीवार
गांव भूंदड़ा के श्री गुरुद्वारा साहिब में कोरोना संकट से बचाव को लेकर जन भलाई के लिए सहजपाठ लड़ीवार चल रहा था। हादसे के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब की जगह बिल्कुल सुरक्षित रही। इसलिए गुरु ग्रंथ साहिब प्रकाश करने के लिए अस्थायी तौर पर गुरुद्वारा परिसर में ही श्रद्धालु निर्माण कार्य कर रहे हैं। वीरवार को काफी संख्या में श्रद्धालु श्रमदान कर रहे थे। गुरुद्वारा साहिब में मौजूद पुराने बरामदे को प्रकाश गृह बनाया जा रहा है। जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने साध संगत से विनती की है कि गुरुद्वारा साहिब के पुन: निर्माण में आर्थिक रूप से बढ़ चढ़कर सहयोग करें। उन्होंने बताया कि इसी जगह पर भव्य गुरु घर बनाया जाएगा, जिसको लेकर 7 जुलाई को अखंड पाठ शुरू करवाया जाएगा व 9 जुलाई को भोग डाला जाएगा।
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आरसीसी की जगह ईंटों के थे पिलर
गांव भूंदड़ा में श्री गुरुद्वारा साहिब की तीन मंजिला इमारत गुंबद सहित जमीन पर गिर पड़ी थी। कुछ ही क्षणों में भव्य इमारत मलबे के ढेर में बदल गई। मलबे में दबे एक कारीगर की मौके पर मौत हो गई थी। चार मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब की इमारत का निर्माण वर्षों पहले ईंटों से किया गया था। गुंबद निर्माण के दौरान नीचे जमीन से कोई भी आरसीसी पिलर नहीं उठाए गए थे। यानी उसमें सीमेंट व सरिया नहीं लगा हुआ था। इसलिए यह दुखद हादसा हो गया।
घर-घर से आर्थिक सहयोग लेंगे : जस्सड़
ग्राम पंचायत भूंदड़ा के निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि दलबीर सिंह जस्सड़ व स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुखदेव सिंह ने बताया कि गुरु घर के अचानक गिर जाने से साध-संगत को गहरा सदमा पहुंचा है। जल्द ही गांव में संगत की इच्छा अनुसार भव्य गुरुद्वारा साहिब का निर्माण करवाया जाएगा।

गुरुद्वारा साहिब की इमारत गिरने के बाद जायजा लेते जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल व अन्य।- फोटो : Fatehabad

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