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रतिया में नहीं खेल स्टेडियम, नशे के दलदल से कैसे निकलें युवा

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बदहाल स्थिति में रतिया शहर का एकमात्र खेल ग्राउंड। - फोटो : Fatehabad
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रतिया। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल सबसे बेहतर विकल्प हैं। मगर रतिया में खेल स्टेडियम ही नहीं बल्कि खेल गतिविधियों का भी अभाव है। ऐसे में नशे की दलदल में फंसे युवा बाहर कैसे निकलें। युवाओं को नशे की राह से हटाने के लिए सरकारी स्तर पर खेलों को बढ़ावा नहीं मिल रहा है। सरकार से लेकर प्रशासन तक सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। हालत ऐसी है कि उपमंडल मुख्यालय रतिया शहर में भी खेल स्टेडियम नहीं है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनें और खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, तो जरूर युवाओं का रुझान नशे की बजाय खेलों की ओर होगा।
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बता दें कि रतिया क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। रतिया के गांव चिम्मो निवासी दीपक कंबोज भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के कोच और कप्तान भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह भारतीय दिव्यांग क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं। इसके अलावा गांव नंगल निवासी रविंद्र कंबोज भी दिव्यांग टीम के पूर्व में कप्तान रह चुके हैं। हालांकि, इन दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को रतिया में स्टेडियम का अभाव होने के चलते अपनी प्रतिभा को चंडीगढ़ में जाकर तराशना पड़ा। इन दोनों खिलाड़ियों का भी मानना है कि अगर गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनें तो खिलाड़ियों को फायदा होगा। संवाद
मौजूदा विधायक खुद भी अच्छे खिलाड़ी रहे
इतना समय बीतने के बाद भी रतिया क्षेत्र में कोई खेल स्टेडियम नहीं होने से लोगों में रोष है। कई पूर्व विधायक भी स्वीकार कर चुके हैं कि शहर में स्टेडियम होना चाहिए। मौजूदा भाजपा विधायक लक्ष्मण नापा तो खुद भी अच्छे खिलाड़ी रहे हैं तथा खेलों का उन्हें काफी शौक हैं। उनके विधायक बनने के बाद रतिया क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि विधायक यहां खेल स्टेडियम लाने में अवश्य कामयाब हो जाएंगे। उन्हें भी विधायक बने ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक स्टेडियम नहीं मिला है।
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गांव रतनगढ़ में 1996 में बने स्टेडियम में अब नालियों का गंदा पानी छोड़ रहे
पूर्व खेल मंत्री रामस्वरूप रामा के पैतृक गांव रतनगढ़ में आठ एकड़ में 1996 में खेल स्टेडियम की नींव रखी गई थी। तब सपना देखा गया था कि ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी इस खेल स्टेडियम में खेलकर हुनरबाज बनें। उस समय इस खेल स्टेडियम में कई राज्य स्तरीय खेलों का भी आयोजन हुआ। मगर अब हालत यह है कि इस खेल स्टेडियम में पूरे गांव की नालियों का गंदा पानी छोड़ा हुआ है। दो-दो फीट तक गंदा पानी इस स्टेडियम में जमा है। चारों तरफ गंदगी का आलम है।
जाखनदादी व रतिया के सरकारी स्कूल के ग्राउंड भी खस्ता हाल
रतिया क्षेत्र के जाखन दादी में बड़ा खेल ग्राउंड और शहर के सरकारी स्कूल में बना एकमात्र खेल ग्राउंड भी रखरखाव के अभाव में खस्ता हो चुके हैं। इनमें भी सुधार की बड़ी जरूरत है।
क्षेत्र में स्टेडियम न होना दुर्भाग्यपूर्ण
रतिया नशे का गढ़ बना हुआ है। इसलिए युवाओं को नशे से बचाने के लिए खेलों को बढ़ावा देना जरूरी है। मगर रतिया में खेल सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। खेल सुविधाएं बढ़ें तो अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलने जा सकते हैं।
-अजय कौशिक, क्रिकेट प्रेमी
स्टेडियम का निर्माण शीघ्र हो
क्षेत्र में खेल स्टेडियम का अभाव है। बच्चों व युवाओं को खेलने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता है। बहुत से युवा खेल संसाधनों के अभाव के कारण आगे नहीं बढ़ पाते हैं। नशे से रतिया क्षेत्र को बचाने के लिए यहां खेल स्टेडियम व खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा।
-विक्की मोंगा, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि
स्टेडियम निर्माण के लिए विधायक से मिलेंगे
क्षेत्र में खेल स्टेडियम की सख्त जरूरत है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, सिर्फ सुविधाओं का अभाव है। अगर सरकार रतिया में अच्छा खेल स्टेडियम बनाकर सुविधाएं प्रदान करें तो राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे। स्टेडियम की मांग लेकर शीघ्र ही विधायक लक्ष्मण नापा से मिलेंगे।
-राहुल जसूजा, खेलप्रेमी
सामाजिक संस्थाएं उठाएं खेल स्टेडियम की मांग
नशे के रास्ते से युवाओं को हटाने के लिए उन्हें खेलों से जोड़ना होगा। इसके लिए खेल सुविधाएं बढ़ानी होंगी। सामाजिक संस्थाओं को जनप्रतिनिधियों से खेल स्टेडियम व अन्य खेल सुविधाओं की मांग करनी चाहिए। शीघ्र ही साझा मांग पत्र लेकर विधायक व खेल मंत्री को सौंपेंगे।
-मनोज चोपड़ा, खेलप्रेमी
खेल सुविधाएं बढ़ाने पर कर रहे काम
जाखन दादी और शहर के सरकारी स्कूल के खेल ग्राउंड की व्यवस्था सुधारने के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। रखरखाव के लिए माली को नियुक्त करने को भी कहा है। गांव जल्लोपुर में डी-प्लान के तहत 30 लाख जारी हुए हैं, जिस पर काम चल रहा है। गांव लाली में खेल स्टेडियम को लेकर भी कुछ दिनों में पैसा जारी हो जाएगा। साल के अंत तक दोनों गांवों में खेल स्टेडियम तैयार हो जाएंगे। इसके बाद रतनगढ़, चिम्मो, बुर्ज, नंगल सहित अन्य गांवों में भी खेल स्टेडियम निर्माण को लेकर कार्रवाई पूरी करवाएंगे।
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-लक्ष्मण नापा, विधायक, रतिया
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