शहर की महत्वपूर्ण इमारतों पर नहीं है कोई पुलिस सुरक्षा, बीते दिनों जहां हादसे हुए, वहां से भी नदारद पुलिस
अमित रूखाया । फतेहाबाद शहर में पुलिसिया सुरक्षा के भरोसे बैठना खतरनाक हो सकता है। दिन के समय शहर में न तो पुलिस की गश्त दिखती है और न ही शहर के मेन चौराहों या महत्वपूर्ण जगहों पर कोई सुरक्षा व्यवस्था। अलबत्ता शहर के मुख्य चौकों पर ट्रैफिक पुलिस जरूर अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभाती दिखी है। हैरानी की बात तो ये है कि बीते दिनों जिन जगहों पर चेन स्नेचिंग या कोई अन्य लूटपाट हुई है, उन जगहों पर भी पुलिस की गश्त या सुरक्षा नजर नहीं आ रही। पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक-चौबंद रखने के दावे किए गए थे। चंडीगढ़ में आतंकी हमले का अलर्ट जारी हो गया है। ऐसे में सोमवार को अमर उजाला ने शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि सोमवार को आईजी ओपी सिंह भी जिले में थे, लेकिन बावजूद इसके शहरी सुरक्षा में ढील साफ तौर पर दिखाई दी।
नहीं होती गश्त
स्थान : पुराना बस स्टैंड
समय : दोपहर 12 बजकर 10 मिनट
नजदीकी महत्वपूर्ण इमारतें : जाट धर्मशाला, रेस्ट हाउस, बीडीपीओ एवं आरटीए भवन, पटवार भवन, रेडक्रॉस भवन
दोपहर में यहां दूर-दूर तक कोई पुलिसकर्मी गश्त करते नहीं दिखे। हालांकि यहां पर बहुत पहले से पुलिस चौकी बनाई गई है, लेकिन इस पुलिस चौकी पर कभी-कभार ही कोई पुलिसकर्मी बैठते हैं। इस मोड़ पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी कभी नजर नहीं आते, जबकि इसी रास्ते पर आगे जाकर ट्रैफिक थाना है। यहां पर सिरसा-हिसार और चंडीगढ़ की बसें हर 10-15 मिनट बाद आती रहती हैं। ऐसे में कोई वारदात करने के बाद अपराधी आसानी से यहां पर किसी भी बस में सवार होकर शहर से फरार हो सकता है। पुलिस के पास सिवाए हाथ मलने के और कुछ नहीं रहेगा।
जब मामला हो तभी चेकिंग
स्थान : नया बस स्टैंड
समय : दोपहर 12 बजकर 18 मिनट
नजदीकी महत्वपूर्ण इमारतें : अनाजमंडी का शेड, अग्रवाल धर्मशाला, व्यस्त हंस मार्केट
हालांकि बस स्टैंड के बिल्कुल पास बस स्टैंड चौकी जरूर है, लेकिन बस स्टैंड में सुरक्षा व्यवस्था में फिर भी काफी खामियां हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो पुलिस भी बस स्टैंड के अंदर तभी आती है, जब कोई मामला हुआ हो। नियमित चेकिंग एवं सुरक्षा के लिए कोई पुलिस कर्मचारी कभी बस स्टैंड के अंदर नहीं आता। फतेहाबाद के बस स्टैंड में रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है। इसके अलावा आस पास भी भीड़-भाड़ वाले बाजार हैं।
निजी कर्मियों के हवाले सुरक्षा
स्थान : नागरिक अस्पताल
समय : दोपहर 12 बजकर 27 मिनट
नजदीकी महत्वपूर्ण इमारतें : आयुष भवन, नर्सों एवं चिकित्सकों के क्वाटर्स, टाऊन पार्क एवं शहर के सभी प्रतिष्ठित चिकित्सकों के क्लीनिक एवं आवास
नागरिक अस्पताल के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था महज निजी सुरक्षा कर्मियों के हाथ में है। वो भी महज मरीजों के रिश्तेदारों को अंदर घुसने से रोकने में व्यस्त दिखते हैं। हथियारबंद बदमाशों से निपटने के लिए न तो उनके पास पर्याप्त ट्रेनिंग है और न ही कोई हथियार। हां, नागरिक अस्पताल के अंदर भी पुलिस चौकी है, लेकिन वो भी मरीजों की एमएलआर केसों की जांच में ही ज्यादा व्यस्त रहती है। नागरिक अस्पताल परिसर में कौन क्या लेकर दाखिल हो रहा है, इसकी चेकिंग का कोई सिस्टम यहां भी नहीं है।
ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद, वायुदूत का पता नहीं
स्थान : लाल बत्ती चौक
समय : दोपहर 12 बजकर 40 मिनट
नजदीकी महत्वपूर्ण इमारतें: नगर परिषद भवन, अनाजमंडी, मार्केट कमेेटी कार्यालय, बिजली बोर्ड एवं थाना रोड
लाल बत्ती चौक और बीघड़ मोड़ पर एक सुखद बात ये देखने में आई कि गर्मी एवं उमस के बावजूद ट्रैफिक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाते दिखे। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था की जहां तक बात है, उसकी चूक साफ तौर पर देखी जा सकती थी। इन दोनों इलाकों में ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी तो पूरा समय मौजूद रहे, लेकिन गश्त लगाने को जिप्सी या हाल ही में शुरू किए वायुदूत मोटर बाइक कहीं नजर नहीं आई। आपको बता देें कि इसी जगह से बीते दिन एक महिला से दो बाइक सवारों ने सवा तीन लाख की नकदी छीनकर फरार हो गए थे। हालांकि यहां पर एक पुलिस चौकी भी बनी हुई है।
ऐसा नहीं है। फतेहाबाद पुलिस लगातार गश्त और चेकिंग करती है। अगर कहीं कोई चूक हो रही है, तो तुरंत उसको ठीक करवाया जाएगा।
गंगाराम पूनियां, एएसपी, फतेहाबाद ।