फतेहाबाद। ठंड के दस्तक देने के साथ प्रशासन को जो तैयारी करनी चाहिए थी, वो नाममात्र है। नगर परिषद की ओर से रैन बसेरा तो बना दिया गया, लेकिन उसकी कोई सूचना या जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई है।
नगर परिषद की ओर से जहां पर रैन बसेरा बनाया गया है, वहां पर भी कोई बोर्ड या सूचना पट्ट तक नहीं लगा हुआ है। अगर कोई व्यक्ति वहां पर रात को ठहरने के लिए आता है तो सूचना के लिए वहां कोई भी कर्मचारी या अधिकारी का नंबर नहीं लिखा हुआ है। साथ ही नगर परिषद की ओर से बस स्टैंड से काफी दूर रैन बसेरा बनाया गया है।
शनिवार रात को जब पड़ताल की गई तो नगर परिषद की ओर से बन गए रैन बसेरा पर ताला लगा हुआ था। वहां पर किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का नंबर भी नहीं लिखा हुआ था। नगर परिषद की ओर से बस इस बार सिर्फ एक जगह पर ही रैन बसेरा बनाया गया है। वहीं हर साल नगर परिषद की ओर से शहर के पुराना बस स्टैंड के आसपास बनी हुई धर्मशालाओं को भी रैन बसेरे के तहत पत्राचार किया जाता है ताकि बाहर से आने वालों को ठंड में खुले आसमान के नीचे रात न बितानी पड़े। धर्मशालाओं से भी अभी तक कोई सूचना या पत्राचार नहीं किया गया है।
पुराना बस स्टैंड से करीब एक तो नए बस स्टैंड से पांच किलोमीटर दूर है रैन बसेरा
नगर परिषद की ओर से इस बार सिर्फ एक जगह ही रैन बसेरा बनाया गया है, जो पुराना बस स्टैंड से करीब एक किलोमीटर दूर है, वहीं नए बस स्टैंड से करीब चार किलोमीटर दूर है। रैन बसेरा शहर के लाजपत नगर चौक इलाके के पास बनाया गया है। जो शहर के बीचोंबीच है। रैन बसेरा उन लोगों के लिए बनाया जाता है, जो दूसरे शहर व ग्रामीण इलाकों किसी कारणवश रात के समय शहर में आते हैं। रात के समय उन लोगों को घर जाने के लिए साधन या वाहन नहीं मिलते हैं तो रात में यहां रात बिता सके।
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सर्दी बढ़ने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को रात को ठहरने को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद शहर के सभी रैन बसेरों को दोबारा शुरू करें। रात के समय ठंड में लोग खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं।
-पीयूष नारंग, समाजसेवी
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रैन बसेरा लाजपत चौक में बना है। यहां पर बोर्ड भी जल्द लगा दिए जाएंगे। रैन बसेरा में कर्मचारी की भी नियुक्ति की गई है।
- महेश कुमार, एसआई, नगर परिषद