कोरोना महामारी से अभी हरियाणा जूझ ही रहा है कि अब ब्लैक फंगस की आफत शुरू हो गई है। हालांकि, डॉक्टर मानते हैं कि यह कोरोना संक्रमण का ही परिणाम है, जिसमें ऑक्सीजन पाइप के लगातार इस्तेमाल के कारण नाक से इस बीमारी की शुरुआत होती है और बाद में इंफेक्शन बढ़ता जाता है। यही ब्लैक फंगस नाक के बाद आंखों के रास्ते से मस्तिष्क पर अटैक करता है।
ब्लैक फंगस बीमारी का पहली बार केस आया है, इसलिए मेडिकल स्टोर्स पर इससे संबंधी दवा की कभी जरूरत ही नहीं पड़ी। अब भी किसी को जरूरत पड़ेगी तो बड़े शहरों से ही मंगवाकर देनी पड़ेगी। - महेंद्र सिंह, संचालक, मेडिकल स्टोर संचालक
फिलहाल हमारे पास दवा नहीं है: एसएमओ
फिलहाल अस्पताल में ब्लैक फंगस की दवा नहीं है। चूंकि इस तरह के कभी मरीज ही नहीं आए। अब यहां एक भी मरीज नहीं है। इसलिए दवा भी नहीं है। ऐसे केस कई शहरों में आ रहे हैं। ऐसे में सरकार के स्तर पर ही निर्णय लिया जाएगा कि दवा की आपूर्ति कैसे निर्धारित हो। - डॉ.राजेश चौधरी, एसएमओ, नागरिक अस्पताल