फतेहाबाद। जिले में निकाय चुनावों का शोर है। मगर इस शोरगुल में चेयरमैन पद का मुख्य चेहरा अभी तक नहीं उभरा है। इसका प्रमुख कारण सभी पार्टियों के पास जिताऊ दावेदार की कमी है। सत्तारूढ़ दल भाजपा हो या फिर विपक्षी दल कांग्रेस, इनेलो व आम आदमी पार्टी, कोई भी अभी तक चेयरमैन पद का दावेदार फाइनल नहीं कर सका है। हर पार्टी जोड़तोड़ के जरिये ही समीकरण साधने में लगी है। पार्टियों में ज्वाइनिंग का दौर भी शुरू हो गया है। इसी के साथ बगावत का खेल भी रचा जाने लगा है।
गौरतलब है कि निकाय चुनाव को लेकर 30 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है, जो 4 जून तक चलेगी। 6 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 7 जून तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा। 19 जून को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान प्रक्रिया चलेगी।
मुख्यमंत्री से हुई हिसार में मुलाकात, पारा बढ़ गया फतेहाबाद में
अभी तक निर्दलीय दावेदार के तौर पर मैदान में उतरे गैस एजेंसी मालिक राजेंद्र खिंची ने विधायक दुड़ाराम को साथ लेकर हिसार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। खिंची के गले में भाजपा का पटका भी नजर आया। इसकी सूचना फतेहाबाद पहुंचते ही भाजपाइयों का पारा बढ़ गया। एक बार फिर से भाजपा के कार्यकर्ता व्हाट्सएप ग्रुप में भड़ास निकालने लगे हैं।
आज हुड्डा के मंच पर भी रहेगी निगाहें
रविवार को नई सब्जी मंडी में होने वाले विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मंच पर भी निकाय चुनावों से जुड़े लोगों की नजरें रहेंगी। माना जा रहा है कि हुड्डा के समक्ष भी निकाय चुनाव में प्रमुखता से लगे कुछ लोगों की ज्वाइनिंग करवाई जाए। बाद में इन्हीं में से मजबूत दावेदार को कांग्रेस की टिकट पर चेयरमैन का चुनाव लड़वाने का प्रयास होगा।
आम आदमी पार्टी व इनेलो का भी यही हाल
इस समय पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का गढ़ माने जाने के बावजूद फतेहाबाद में इनेलो अपना चेयरमैन प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। इनेलो से जुड़े नेताओं का भी मानना है कि पार्टी ऐसे मजबूत दावेदार को ढूंढ रही है, जो जीत का मादा रखते हों। जल्द ही किसी पंजाबी चेहरे को इनेलो ज्वाइन करवाकर अपना उम्मीदवार घोषित करेगी।
अब तक भाजपा में ही सबसे अधिक दावेदार
राजनीतिक दलों की बात करें तो अब तक सबसे अधिक दावेदार भाजपा में ही सामने आ रहे हैं। मगर इन दावेदारों में ऐसा कोई नहीं है, जो अकेले दम पर जीत का दंभ भर सके। अब तक भाजपा की ओर से एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ.रणजीत ओड, विद्या रती, बनवारी लाल गहलोत, रजत ढांडा, रमेश जोइया खुद के लिए टिकट की मांग कर चुके हैं।
विधायक पद के बाद चेयरमैनी भी बाहरी को जाने की आशंका
भाजपा कैडर के कार्यकर्ताओं को विधायक पद के बाद चेयरमैनी भी संगठन से बाहर के व्यक्ति के पास जाने का डर सता रहा है। इसलिए व्हाट्सएप ग्रुपों से लेकर पार्टी की बैठकों में भी संगठन के ही किसी सदस्य को टिकट देने की मांग जोर पकड़ रही है। बता दें कि 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दुड़ाराम को टिकट दी गई थी, जो बाद में विधायक चुने गए।
भाजपा राष्ट्रीय पार्टी है, इसमें ज्वाइनिंग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राजेंद्र खिंची ने पार्टी भी ज्वाइन की है। मगर अभी तक किसी की टिकट फाइनल नहीं हुई है। 2 जून तक टिकट का फैसला होगा।
-बलदेव ग्रोहा, जिलाध्यक्ष, भाजपा