फतेहाबाद। एक ओर केंद्र सरकार की स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के कभी भी शहर में आ सकती है वहीं दूसरी ओर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में नजर आ रही है। रविवार को शहर के विभिन्न डंपिंग प्वाइंटों से कचरे का उठान नहीं होने के कारण कई स्थानों पर ढेर लग गए। इससे न केवल आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी उजागर हो गई।
शहर के प्रमुख डंपिंग प्वाइंटों हिसार रोड पर पुराना पीएनबी के सामने, भट्टू रोड पर सिवाच अस्पताल के सामने, शिवालय मार्केट के सामने पूरे दिन कचरा जमा रहा, जिससे बदबू और गंदगी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद को कचरा उठान की व्यवस्था करनी चाहिए। मुख्य प्वाइंटों से देरी से कचरा उठता है।
गर्मी के मौसम में कचरे के ढेर बीमारियों को भी बढ़ावा दे सकते हैं। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि कचरा उठाने में इस्तेमाल होने वाला लोडर तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया था। इसी वजह से रविवार को डंपिंग प्वाइंटों से कचरे का नियमित उठान नहीं हो सका। अधिकारियों ने दावा किया कि वाहन को ठीक करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में लग सकता है झटका
हालांकि सवाल यह है कि जब स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहरों की सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाना है और केंद्रीय टीम किसी भी समय निरीक्षण के लिए पहुंच सकती है, तब नगर परिषद के पास वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं थी। एक वाहन के खराब होने से पूरे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होना प्रशासनिक तैयारियों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
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लोगों के फीडबैक में लग सकता है झटका
स्वच्छ सर्वेक्षण में नागरिकों की प्रतिक्रिया, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को प्रमुख आधार माना जाता है। ऐसे में शहर के डंपिंग प्वाइंटों पर लगे कचरे के ढेर नगर परिषद की रैंकिंग को प्रभावित कर सकते हैं। यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर को झटका लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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कचरा उठान का लोडर खराब हो गया था इसी वजह से दिक्कत आई है। अन्य दिनों में समय पर कचरे का उठान किया जाता है।
- महेश कुमार, एसआई, नगर परिषद