रतिया। वार्डों में विकास कार्य न होने से नाराज पार्षदों की मांग पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति खन्ना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 9 जुलाई को दोपहर 1 बजे फतेहाबाद लघु सचिवालय के कमरा नंबर 32 स्थित बैठक कक्ष में लाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया करेंगे। यदि अध्यक्ष बागी पार्षदों को मतदान से पहले मनाने में असफल रहती हैं तो उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ सकती है।
पार्षदों ने 2 जून को नगर पालिका के 14 निर्वाचित सदस्यों ने हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 की धारा 17ए के तहत अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। तिथि तय न होने पर वह 9 जून को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से भी मिले। इसके बाद 12 जून को दोबारा उपायुक्त से मिलकर जल्द तिथि निर्धारित करने की मांग की गई। प्रशासन ने अब 9 जुलाई की तिथि तय कर दी है।
उपायुक्त को दिए पत्र में वार्ड-1 की सुमन, वार्ड-3 के अजमेर सिंह, वार्ड-5 की हरजन कौर, वार्ड-6 के हैप्पी सिंह, वार्ड-9 के धीरज कुमार, वार्ड-10 के अजय गुप्ता, वार्ड-12 के सतपाल सिंह लाडवाल, वार्ड-13 की नीरू बाला, वार्ड-14 के गुरप्रीत, वार्ड-15 के सुरविंद्र सिंह, वार्ड-16 के गौरव शर्मा और वार्ड-17 के जोगिंद्र कुमार सहित कुल 14 पार्षदों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान अध्यक्ष नगर पालिका का प्रभावी संचालन करने में असफल रही हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और पार्षदों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
यह पहला मौका नहीं है जब प्रीति खन्ना को ऐसे राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष भी 14 पार्षदों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया था। 7 मई को पार्षदों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर 22 मई को अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी, लेकिन कोरम पूरा न होने के कारण प्रस्ताव गिर गया।