शहर में करीब तीन सालों से खराब पड़ी ट्रैफिक लाइट को बदलकर उसकी जगह नई लाइट लगाने के लिए कोई भी कंपनी आगे नहीं आ रही है। दूसरी बार फिर किसी भी कंपनी ने ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए आवेदन नहीं किया है। वहीं शहर के शौचालयों की सफाई करने के लिए भी कोई फर्म आगे नहीं आई है। नप ने आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर कर दी है अब एक जनवरी को ही शौचालय सफाई का टेंडर खुलेगा। इसके अलावा इसी दिन डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व कंपोस्ट खाद बनाने का टेंडर खुलना है।
वहीं कंपनियों के आगे न आने के पीछे शर्ते कारण मानी जा रही हैं। नप ने इस बार शर्तों के साथ टेंडर किया है।
अब नहीं आई कंपनी तो नप करेगा राशि बीएंडआर को ट्रांसफर
नप ट्रैफिक लाइट का दो बार पहले टेंडर लगा चुकी है, लेकिन कोई भी कंपनी आगे नहीं आ रही है। तीसरी दोबारा टेंडर जारी करेगा। अगर अब भी नहीं आती है तो पीडब्ल्यूडी बीएंडरआर को 10 लाख रुपये जारी कर देगा। इसके बाद बीएंडआर की जिम्मेदारी होगी। नप ने ट्रैफिक लाइट के लिए 10 लाख का एस्टिमेट बना रखा है। ट्रैफिक लाइट लगाने वाली कंपनी को तीन साल तक मरम्मत का काम भी संभालना होगा।
जुर्माना के डर से शौचालय सफाई के लिए नहीं किया आवेदन
नप ने शहर के सार्वजनिक शौचालय की सफाई के लिए टेंडर जारी किया था। इसमें शर्त लगाई गई है कि जो भी फर्म ठेका लेगी उसे शौचालय पर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक कर्मचारी तैनात करना होगा अगर कोई शिकायत आती है तो प्रति घंटा के मुताबिक एक हजार रुपये जुर्माना होगा।
ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए किसी फर्म ने आवेदन नहीं किया है, टेंडर दोबारा जारी किया जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय का टेंडर भी एक जनवरी को खुलेगा। -अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद।