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Fatehabad News: साइन बोर्ड न लगे तो 26 जनवरी को नहीं फहराने दूंगा तिरंगा

Thu, 02 Jan 2025 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में गंदगी मिलने पर स्टाफ नर्स को फटकार लगाते हुए निदेशक एनएचएम विरें
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में वीरवार सुबह नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने निरीक्षण किया। निदेशक ने अस्पताल के मुख्य गेट से निरीक्षण शुरू किया तो आखिरी में प्रसूता कक्ष तक खामियां ही खामियां निकाल दी। उन्होंने लापरवाही पर अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।
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जांच में जच्चा-बच्चा वार्ड में बीपी और वजन करने वाली मशीन ठीक नहीं मिली। खुद का बीपी चेक करवाया तो सही नहीं मिला। निरीक्षण में ब्लड बैंक के सूचना पट्ट पर स्टॉक रिकॉर्ड नहीं मिला, अस्पताल में सफाई व्यवस्था नहीं मिली और साइन बोर्ड नहीं लगे मिले तो अधिकारियों को फटकारा। एसएमओ डॉ. बुधराम को कहा कि 23 दिन में अगर साइन बोर्ड नहीं लगे तो 26 जनवरी को झंडा नहीं फहराने दूंगा।

इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र भादू, एसएमओ डॉ. बुधराम, डॉ. गुंजन बंसल, मेजर डॉ. शरद तुली साथ रहे। निरीक्षण के दौरान निदेशक को वार्ड में लाइट लगीं नहीं मिली, यहां तक कि शौचालयों में भी लाइट नहीं थी। बिजली की तार लटकती मिली। इस पर एसएमओ को निर्देश दिए कि 24 घंटे के अंदर लाइट लग जानी चाहिए। शुक्रवार को सिरसा मीटिंग के बाद फिर से चेक करूंगा। अगर नहीं मिली तो कार्रवाई होगी। प्रसूता वार्ड में निरीक्षण के दौरान टाइल टूटी हुई मिली तो बोले यहां पर जीरो क्वालिटी है। जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र दूसरी मंजिल पर शिफ्ट करने पर अधिकारियों से जवाब तलब किया।
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- एंबुलेंस पर लिखा मिला डायल 108, फटकारा

निदेशक ने अस्पताल के अंदर एंट्री की तो एंबुलेंस और दीवारों पर डायल 108 लिखा मिला। इसको लेकर निदेशक यादव ने फटकार लगाई और कहा कि तुरंत इसे साफ करवाएं। इसके बाद कर्मचारियों ने पेंट साफ करना शुरू कर दिया।

- सूचना पट्ट पर नहीं मिली स्टॉक की जानकारी

निदेशक ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। कंपोनेट सेपरेटर प्रोजेक्ट के बारे में अधिकारियों से जवाब किया। अधिकारियों ने बताया कि लाइसेंस के लिए आवेदन किया हुआ है। इसके बाद सूचना पट्ट देखा तो उस पर दो जनवरी का स्टॉक नहीं दर्ज था। अधिकारियों से पोर्टल पर दिखाने को कहा तो नहीं दिखा पाए। निदेशक ने वैक्सीन स्टोर में निरीक्षण किया तो वहां पर भी सफाई नहीं मिली। सामान भी बिखरा मिला।

- खुद करवाया बीपी चेक, ठीक नहीं मिली रिपोर्ट

निदेशक ने निरीक्षण के दौरान जच्चा-बच्चा वार्ड में महिला का बीपी चेक करवाया, लेकिन उस पर संदेह हुआ तो खुद का बीपी चेक करवाया। निदेशक ने कहा कि बीपी सही चेक नहीं हुआ है और रिपोर्ट ठीक नहीं है। वजन तौलने की मशीन में भी खामी मिलने पर अधिकारियों से जवाब तलब किया।

- शौचालय में जाकर खुद की जांच, लाइट मिली बंद

निदेशक ने निरीक्षण के दौरान कहा कि वह रात को भी अस्पताल में आए थे, उस दौरान अंधेरा मिला था। यहां तक कि ब्लड बैंक के पास भी लाइट नहीं थी। जब अस्पताल के अंदर निरीक्षण किया है तो लाइट हीं नहीं है। निदेशक ने खुद मेल वार्ड के शौचालय के अंदर जाकर निरीक्षण किया तो लाइट बंद मिली। अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

- रात को भी एक्सरे के लिए ड्यूटी लगाएं, नहीं तो डीजी खुद करेंगे निरीक्षण

निदेशक ने एक्सरे को लेकर अधिकारियों से पूछा तो बताया गया कि चार कर्मचारी है और सुबह से शाम तक होते हैं। निदेशक ने कहा कि रात को भी एक्सरे होने चाहिए। कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए और रिपोर्ट दें। अगर नहीं लगाई तो अगली बार डीजी या एसीएस खुद निरीक्षण करेंगे।

- रात 8 बजे सैंपल लेने के निर्देश दिए

नागरिक अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. भारत भूषण से निदेशक ने पूछा कि सैंपल लेने की क्या स्थिति है। इस पर जवाब मिला कि ओपीडी समय तक लिए जाते हैं। इस पर निदेशक ने कहा कि रात 8 बजे तक लिए जाएं, मरीज को बाहर क्यों सैंपल देने पड़े।

- डिलीवरी के बाद कम मिला खून, क्लीनिकल रिपोर्ट नहीं दिखा पाए डॉक्टर

निदेशक ने अस्पताल के प्रसूता वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान गर्भवती को ऑपरेशन के लिए वार्ड में लिटाया हुआ था। इस पर निदेशक ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मांगी। जब डॉक्टर रिपोर्ट नहीं दिखा पाए तो सवाल किया कि ऑपरेशन क्यों किया जा रहा है। डिलीवरी के बाद एक प्रसूता को ब्लड स्क्रोच चढ़ाया जा रहा था। डॉक्टर से कारण पूछा तो बताया गया कि साढ़े 7 ग्राम खून है और पहले साढ़े 10 ग्राम था। इस पर निदेशक ने क्लीनिकल रिपोर्ट दिखाने के लिए कहा तो नहीं दिखा पाए। वार्ड में डिलीवरी के पांच घंटे बाद स्तनपान करवाने पर भी डॉक्टर से सवाल किए गए और रिपोर्ट मांगी।

- आशा से पहले प्रसुता को मिलेगा लाभ

निदेशक ने डिलीवरी के बाद प्रसूता को दिए जाने वाले लाभ के बारे में जानकारी मांगी तो दाखिल प्रसूता और स्टाफ कोई जानकारी नहीं दे पाया। इस पर निदेशक ने कहा कि आशा वर्कर से पहले प्रसूता को लाभ मिलेगा। निदेशक ने आशा वर्कर के लिए दिए गए कक्ष का भी निरीक्षण किया।

- जींस में मिले कर्मचारी तो फटकारा

नागरिक अस्पताल में कर्मचारी बिना ड्रेस कोड के मिले। इसके अलावा कई कर्मचारी जींस पहने मिले। इसको लेकर कर्मचारियों को फटकार लगाई। सीएमओ को निर्देश दिए कि ड्रेस कोड सख्ती से लागू करें।

-गेंद पर उठाए सवाल, दो घंटे हाथ में रखी

निदेशक ने जब ब्लड बैंक का निरीक्षण किया तो वहां पर ब्लड प्रेशर कंट्रोल के लिए रखी गई गेंद उठाई और कहा कि ये निम्न स्तर की है। इसे वह साथ लेकर जाएंगे और जांच करवाएंगे। निदेशक विरेंद्र यादव ने दो घंटे तक गेंद हाथ में रखी।

-आईसीएन मैडम, कागज चिपके मिले तो देख लेना

निदेशक को निरीक्षण के दौरान हर जगह सूचना के तौर पर कागज चिपके हुए मिले। इस दौरान निदेशक ने आईसीएन यानि इंफेक्शन कंट्रोल नर्स को तलब किया और फटकार लगाई। निदेशक ने कहा कि कहीं भी कागज चिपके हुए मिले तो खैर नहीं है।

- सिरसा में होगी निरीक्षण की समीक्षा

सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में एनएचएम की टीम द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। जो भी कमियां मिलेंगी, उसको लेकर शुक्रवार को सिरसा में बैठक होगी और वहां समीक्षा होगी। रिपोर्ट टीम द्वारा पेश की जाएगी, इसके बाद जिले की तरफ से प्रेजेंटेशन दी जाएगी। ये रूटीन की जांच होती है इसमें जो कमियां निकलकर सामने आती है उसे सुधारने का प्रयास किया जाता है।
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-विरेंद्र यादव, निदेशक, एनएचएम।
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