फतेहाबाद में सीएमओ को एमडी एनएचएम के नाम ज्ञापन सौंपते सीएचओ
फतेहाबाद। नेशनल हेल्थ मिशन के सर्विस बाय लॉज 2018 के लाभ फ्रिज कर दिए गए हैं। इसका असर जिले में तैनात 76 सीएचओ पर भी पड़ा है। जिले में 106 सीएचओ भर्ती किए गए थे, लेकिन बाकी नौकरी छोड़ चुके हैं। एनएचएम तहत कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र भादू से मिला।
कर्मियों ने चेतावनी दी कि इस फैसले उन्हें कोई वित्तीय नुकसान होता है तो वे कोर्ट जाएंगे। फतेहाबाद में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपने अधिकारों को लेकर सिविल सर्जन फतेहाबाद को एमडी, एनएचएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ऑल इंडिया सीएचओ एसोसिएशन जिला इकाई के संरक्षक डॉ. राजेंद्र जांगड़ा व प्रधान प्रदीप कुमार ने बताया कि मिशन निदेशक एनएचएम के सर्विस बाय लॉज 2018 के लाभ 27 जून 2024 के बाद फ्रिज कर दिए गए हैं। इस निर्णय के बाद जिले में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों यानि सीएचओ में अपने वित्तीय नुकसान का डर बना हुआ है।
इस पत्र के बाद उनका जुलाई में लगा हुए इंक्रीमेंट भी रोक लिया गया है, जिससे सीएचओ में काफी रोष है। उन्होंने कहा कि एनएचएम की ओर से 20 मार्च 2022 को जारी विज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि सीएचओ को एनएचएम सर्विस बाय लॉज 2018 के अनुसार ग्रेड पे आधारित सभी वित्तीय लाभ मिलते रहेंगे। भविष्य के लाभ को मद्देनजर रखकर ही उन्होंने सीएचओ पद के लिए आवेदन किया था। यह सभी लाभ और शर्तें उनकी श्योरिटी बॉन्ड में भी वर्णित है। डॉ. जांगड़ा ने कहा कि अगर एनएचएम और सरकार की ओर से सर्विस बाय लॉज 2018 में कोई बदलाव या निरस्त किए जाते हैं और उन्हें कोई वित्तीय नुकसान होता है तो इसे सहन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर पूनम स्वामी, पंकज, सीमा, विशाल सिंह, नरेश बिश्नोई, राहुल, अनूप, प्रदीप, नवीन, सहदेव, सकीना, आंचल, निर्मल, मोनिका आदि मौजूद रहे।