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Fatehabad News: नए सॉफ्टवेयर ने जिले के पांच हजार से ज्यादा शिशुओं की पहचान रोकी

Wed, 18 Dec 2024 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। सरकार ने योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया हुआ है। अगर किसी के पास ये नहीं है तो वे किसी भी योजना के पात्र नहीं बन सकते हैं। जिले के पांच हजार से ज्यादा शिशुओं को जन्म लेने के बाद आधार के रूप में पहचान नहीं मिल पाई है।
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जिले में पिछले तीन माह से शिशुओं के नए आधार कार्ड नहीं बन रहे हैं। अफसरों के पास भी स्पष्ट जवाब नहीं है कि इनके कब तक आधार कार्ड बनने शुरू हो पाएंगे। परिजन ठंड में शिशुओं को लेकर केंद्रों पर चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जवाब एक ही मिल रहा है कि सर्वर बंद है। जिले के कई आधार सेंटर संचालक शिशुओं के आधार कार्ड बनाने का प्रयास कर रहे है तो वह होल्ड हो रहे हैं। यहां तक कई सेंटर संचालकों को जुर्माना भी लग चुका है। ऐसे में अब वह भी आधार कार्ड बनाने से कतराने लगे हैं।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की तरफ से सितंबर माह में साफ्टवेयर को अपडेट किया गया था, इसके बाद से नए आधार कार्ड को लेकर दिक्कत शुरू हो गई। 20 सितंबर के बाद जो भी आधार कार्ड बने वह रद्द हो गए। इसके बाद यूआईडीएआई की तरफ से 10 दिसंबर तक शिशुओं के आधार कार्ड बनने शुरू होने का दावा किया गया, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। बताया जा रहा है कि जनवरी माह में साफ्टवेयर दोबारा से अपडेट होना है इसके बाद ही नवजात के आधार कार्ड बनने शुरू हो सकते हैं।
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- बेबी ऑफ नाम भी नहीं हो रहा है ठीक

आधार कार्ड में नवजात शिशु के नाम की जगह पर बेबी ऑफ लिखा जाता था। जब बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज हो जाए तो वह इसमें लिखवा सकते हैं। लेकिन फिलहाल स्थिति ये कि बेबी ऑफ नेम भी ठीक नहीं हो पा रहा है।

- जिले में इन शिशुओं का हुआ तीन माह में जन्म

माह शिशुओं ने जन्म लिया

सितंबर 1476

अक्तूबर 1450

नवंबर 1470

नोट : ये आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास जन्म पंजीकरण का है।



योजनाओं का नहीं मिल रहा है लाभ

शिशुओं का आधार कार्ड न बनने के कारण योजनाओं के लाभार्थी नहीं बन पा रहे हैं। आधार कार्ड के बाद ही परिवार पहचान पत्र में नाम दर्ज होता है। इसके बाद परिवार आय के अनुसार जिन योजनाओं में शामिल है उसी के मुताबिक शिशु को लाभ मिल सकता है।



पांच दिन पहले ही बेटी को जन्म दिया है। आधार कार्ड बनवाने के लिए केंद्र पर गए थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया है। ये भी नहीं बता रहे हैं कि कब बनेंगे।

- मंजू रानी, निवासी, धान कॉलोनी।



बच्चे को लेकर दो माह पहले आधार कार्ड बनवाने के लिए केंद्र पर गए थे लेकिन नहीं बना। अब दोबारा से आए तो भी मना कर दिया गया है। बच्चे का नाम पीपीपी में दर्ज करवाना था जो कि बिना आधार नहीं हो रहा है।

- सुमित्रा देवी, निवासी, शक्ति नगर।

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यूआईडीएआई से ही कई दिनों से दिक्कत चल रही है। कब तक ठीक होगा, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में जानकारी लेने के बाद ही कुछ बता सकती हूं।

- शिल्पा रानी, जिला प्रबंधक, सीएससी।

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बच्चों के नए आधार कार्ड नहीं बन रहे हैं, जो बन रहे वो होल्ड हो रहे हैं। सॉफ्टवेयर अपडेट हुआ था इसके बाद से दिक्कत आ रही है। टीम खामी को दूर करने में जुटी है। जल्द ही नया अपडेट सॉफ्टवेयर में आ जाएगा इसके बाद उम्मीद है दिक्कत खत्म हो जाएगी।
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- मयंक गोयल, कोर्डिनेटर, यूएलबी, यूआईडीएआई।
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