नेहा वर्मा दिव्यांग बेटियों के साथ खुशी मनाते हुए
टोहाना। शहर के शास्त्री नगर की निवासी नेहा वर्मा दिव्यांग बच्चों को निशुल्क शिक्षा देकर उनके जीवन में उजाला भर रही हैं। नेहा दिव्यांग व जरूरतमंद बेटियों के उत्थान के लिए पांच साल से सेवा कार्य कर रही हैं। इस वजह से उन्हें अनेक मंचों पर सम्मानित भी किया गया। अपूर्वा फाउंडेशन नामक संस्था का गठन कर वे दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षित करने का कार्य कर रही हैं।
पति व परिवार का मिलता है सहयोग
शास्त्री नहर की रहने वाली नेहा वर्मा के पति नीनू वर्मा ज्वेलर्स हैं तथा वह स्वर्गीय दर्शन लाल की पुत्रवधू हैं। नेहा के अनुसार उसने ऑटिज्म, एडीएचडी, मेंटल रिटार्डेशन एवं वोकेशनल एजुकेशन की है। नेहा वर्मा मध्यप्रदेश के जबलपुर की रहने वाली है। जबलपुर व भोपाल में एक मदर टीचर के तौर अपनी सेवाएं प्रदान कर चुकी हैं। नेहा के प्रयासों के चलते शहर के अनेक समाजसेवी गणमान्य अपना जन्मदिन व खुशी का पल दिव्यांग बच्चों के साथ आकर मनाते हैं ताकि बच्चों के चेहरे सदा खिलखिलाते रहें।
इसलिए शुरू किया है सेवा कार्य
नेहा वर्मा ने बताया कि उनके परिवार में एक विशेष बच्चा है जिसके चलते वे ऐसे माता-पिता के दुख-दर्द को समझ सकती हैं। नेहा को बचपन से ही ऐसे बच्चों के साथ लगाव रहा है। नेहा ने बताया कि अक्सर दिव्यांग बेटियां घर में ही कैद होकर रह जाती है और परिवार के सदस्य भी ऐसी बेटियों को भय के चलते स्कूलों में नहीं भेज पाते। इन सब पर विचार करने के बाद उसने अपूर्वा फाउंडेशन का गठन किया, ताकि दिव्यांग बेटियां सुरक्षित रहकर अपने उत्थान के लिए आगे बढ़ सके। वे गांव में जाकर भी बेटियों को शिक्षित करने का कार्य करती हैं।