फतेहाबाद। आंदोलन को लेकर चर्चा करते मनरेगा संघर्ष मोर्चा के सदस्य। विज्ञप्ति
फतेहाबाद। देश में रोजगार की कमी और मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के विरोध में 15 मई को राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण हड़ताल का आह्वान किया गया है। मनरेगा संयुक्त मोर्चा के बैनर तले होने वाले इस प्रदर्शन के दौरान देशभर के ग्रामीण इलाकों में पंचायत कार्यालयों पर एकत्र होकर राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
जिले में मजदूर संगठनों और मनरेगा मेट यूनियनों की संयुक्त बैठक दलबीर सिंह आजाद एवं रमेश कुमार बारोटिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें मनरेगा कानून को पूर्ण रूप से बहाल करने और वीबीग्रामजी जैसे नए नियमों को रद्द करने की मांग उठाई गई। मनरेगा संघर्ष मोर्चा के नवनियुक्त संयोजक रामकुमार बहबलपुरिया ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार इस ऐतिहासिक कानून को कमजोर कर खत्म कर रही है जिससे ग्रामीण गरीबों और मजदूरों में भारी आक्रोश है।
आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए देश के 100 से अधिक संगठनों ने मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। इसी तर्ज पर फतेहाबाद जिला इकाई का भी गठन किया गया। इसमें रामकुमार बहबलपुरिया को संयोजक, रमेश कुमार भोडिया को सह-संयोजक और रामेश्वर कालवां को कैशियर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गांव-गांव चलेगा हस्ताक्षर अभियान
15 मई के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले में 10 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में रामकुमार बहबलपुरिया, रमेश कुमार बारोटिया, दलबीर सिंह आजाद, प्यारा राम म्योंद, सुखदेव सिंह तंवर, मालू राम, रामेश्वर कालवां, दीवान चंद, जगदीश शर्मा, महावीर सिंह, फूल सिंह फूलां, कृष्ण कुमार जांगड़ा और सुरेश कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। 2 मई से ही जिले के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में नुक्कड़ सभाओं का दौर शुरू हो गया है। बैठकों के माध्यम से मजदूरों को जागरूक किया जा रहा है और राष्ट्रपति को भेजे जाने वाले ज्ञापन पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं।