समैन। टोहाना उपमंडल के गांव नांगली में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से गांव के लोगों को उपचार के लिए टोहाना शहर जाना पड़ता है। इसके अलावा जन्म-मृत्य से संबंधित प्रमाण-पत्र के लिए ग्रामीणों को मजबूरन गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चक्कर काटने पड़ते हैं। ग्रामीणों की सरकार से मांग है कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए।
ग्रामीण तारा चंद, हरपाल सिंह, धर्मबीर सिंह, दलबीर, मनोज, धर्मबीर सिंह, दीपक गिल, करन सिंह, राजबीर सिंह ने बताया कि गांव नांगली की जनसंख्या करीब 1700 है। गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। इस कारण उन्हें उपचार के लिए या टोहाना शहर या फिर पिरथला में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाना पड़ता है। गांव से टोहाना शहर की दूरी 16 किलोमीटर व पिरथला की दूरी 6 किलोमीटर है।
ग्रामीणों को जन्म-मृत्य के प्रमाण पत्र से संबंधित कामकाज के लिए भी गांव समैन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। गांव के लोगों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र बनवाया जाए ताकि लोगों को गांव स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके।
ग्रामीण बोले
गांव में स्वास्थ्य केंद्र नहीं है इसीलिए उन्हें उपचार के लिए टोहाना शहर या फिर पिरथला जाना पड़ता है। टोहाना शहर की दूरी गांव से 16 किलोमीटर पड़ती है। गांव के लोगों को इलाज के लिए शहर न जाने पड़े इसलिए उनकी प्रदेश सरकार से मांग है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाए।
-ताराचंद्र, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि
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गांव में स्वास्थ्य नहीं होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। टोहाना शहर की गांव से दूरी काफी ज्यादा है। कई बार गंभीर बीमारी से पीड़ित को उपचार के लिए इतनी दूर ले जाना जोखिम भरा रहता है इसलिए सरकार से मांग है कि गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए।
-हरपाल सिंह,ग्रामीण।
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गांव में शुरू से ही स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को इलाज के लिए मजबूरन टोहाना या अन्य शहर के निजी अस्पतालों में जाते हैं। यह काफी खर्चीला पड़ता है। उनकी सरकार से मांग है कि गांव स्तर पर स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाए, ताकि उनको बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके।
-धर्मबीर, ग्रामीण
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किसी भी गांव में नया स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आबादी के हिसाब से मापदंड बनाए हुए हैं। उसी अनुसार गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाते हैं। विभाग के उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया जाता है।
-राजेश क्रांति, एसएमओ जाखल सर्किल