फतेहाबाद। आयु सत्यापन प्रक्रिया में नाम मिसमैच की समस्या नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। वर्ष 2019 के बाद नाम में बदलाव करवाने वाले नागरिकों की आयु का सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
10वीं कक्षा की मार्कशीट में दर्ज नाम और पहचान पत्र, पासपोर्ट तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में नाम अलग-अलग होने के कारण सत्यापन प्रक्रिया अटक रही है। इसके चलते नागरिकों को जिला निर्वाचन कार्यालय और क्रीड विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नागरिकों के अनुसार कई मामलों में 10वीं की मार्कशीट में नाम और उपनाम अलग दर्ज है जबकि बाद में जारी दस्तावेजों में पहला नाम व उपनाम अलग क्रम या प्रारूप में दर्ज हो गया। ऑनलाइन सिस्टम में दस्तावेजों के नाम का मिलान नहीं होने के कारण आयु सत्यापन असफल हो रहा है। इससे संबंधित योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
योजनाओं के लाभ से वंचित रहे पात्र
सबसे अधिक परेशानी दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना, पासपोर्ट बनवाने तथा नई पेंशन लागू करवाने जैसे कार्यों में सामने आ रही है। वहीं, सभी प्रकार की पेंशन लेने वाले नागरिकों दस्तावेज सही होने के बावजूद केवल नाम के प्रारूप में अंतर होने से उन्हें बार-बार कार्यालयों में जाना पड़ रहा है और पेंशन पात्राें की नई पेंशन लागू नहीं हो पा रही है।
नाम मिसमैच की स्थिति में वैकल्पिक दस्तावेजों की मांग
क्रीड विभाग में गांव ढाबी खुर्द से पहुंचे नागरिक राजेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में उनका नाम सरदारा राम है जबकि अन्य सभी दस्तावेजों में उनका नाम राजेंद्र सिंह है। ऐसे में उनकी उम्र सत्यापन नहीं हो रहा है। प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2019 के बाद नाम परिवर्तन कराने वाले लोगों के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सरल व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही ऑनलाइन सिस्टम में नाम मिसमैच की स्थिति में वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर आयु सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।
सभी कागजातों में नाम एक ही होना अनिवार्य है। अगर नाम मिसमैच है तो पहले नाम परिवर्तन करवा लें। इसके बाद ही आयु सत्यापन हो सकेगा।
-संदीप कुमार, जिला प्रोग्रामर, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।