फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के चक्कर में दो माह से जिला नागरिक अस्पताल में एक्सरे सुविधाएं बंद है। पूरे जिले में सिर्फ नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में ही एक्सरे सुविधाएं चल रही थी लेकिन रेडियोग्राफर को अनुमति न मिलने से एक्सरे कक्ष पर ताला लटका हुआ है। पहले एनएचएम के द्वारा अनुबंध पर रखे गए रेडियोग्राफर को अनुमति दी जाती थी लेकिन अब डीजी कार्यालय की तरफ से अनुमति जारी की जानी है लेकिन मौजूदा हालात ये है कि प्रदेश के 9 रेडियोग्राफर इसी अनुमति का इंतजार कर रहे हैं।
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में अनुबंध पर रेडियोग्राफर तैनात था, जिसकी अनुमति 30 नवंबर को समाप्त हो गई। इसके बाद विभाग की तरफ से अनुमति जारी नहीं की गई। जिले के टोहाना नागरिक अस्पताल, उप नागरिक अस्पताल रतिया और सीएचसी से मरीज रेफर होकर एक्सरे के लिए नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में भेजे जाते थे लेकिन यहां भी सुविधा बंद होने के चलते अब मरीजों को एक्सरे के लिए अग्रोहा मेडिकल भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में दिव्यांगों के लिए मेडिकल कैंप लगाया जाता है। मेडिकल कैंप में भी सरकारी अस्पताल की एक्सरे रिपोर्ट मान्य होती है। लेकिन यहां सुविधा न होने के चलते दिव्यांगों को एक्सरे के लिए अग्रोहा जाना पड़ रहा है।
छोटी सी चोट के लिए रेफर हो रहे अग्रोहा मेडिकल
पुलिस केस मामले में कार्रवाई के दौरान सरकारी अस्पताल की तरफ से किया गए एक्सरे की रिपोर्ट मान्य होती है। लेकिन यहां पर एक्सरे सुविधा न होने के चलते लोगों को एक्सरे करवाने के लिए अग्रोहा मेडिकल जाना पड़ रहा है। अगर छोटी सी चोट भी लगी है तो उसके लिए भी अग्रोहा से एक्सरे करवाकर आना पड़ रहा है। ये ही नहीं नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी एक्सरे के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। रोजाना नागरिक अस्पताल से 150 से 200 मरीजों को एक्सरे के लिए भटकना पड़ रहा है।
रेडियोग्राफर के 16 पद, सभी खाली
जिले में रेडियोग्राफर के 16 पद है और सभी खाली है। जिले में एक भी स्थायी रेडियोग्राफर नहीं है। रेडियोग्राफर न होने के चलते अस्पतालों में मशीनें धूल फांक रही है।
कोट
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में रेडियोग्राफर की अनुमति मुख्यालय की तरफ से दी जानी है। अनुमति को लेकर प्रयास चल रहा है। जल्द ही अनुमति मिल जाएगी।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन