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Fatehabad News: मेरा पानी मेरी विरासत, जिले के 3704 किसानों के खातों में पहुंची प्रोत्साहन राशि

Sat, 07 Feb 2026 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव ढाणी भोजराज में की गई धान की सीधी बिजाई। फाइल फोटो
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फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत धान की सीधी बिजाई अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि जारी कर दी गई है। जिले में 3704 किसानों को इस सुविधा के तहत आर्थिक मदद दी गई, और अब तक कुल 76,99,812 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने बताया कि जिले के कई क्षेत्रों में अधिक धान बोने से भू-जल का स्तर लगातार घट रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने धान की सीधी बिजाई को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की। इस विधि से खेती करने पर पानी की बचत होती है और लागत भी कम आती है।
योजना के अनुसार, प्रत्येक किसान को 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता प्रदान की जा रही है। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलता है और जल संरक्षण में भी योगदान होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कदमों से न केवल जल संकट को कम किया जा सकता है, बल्कि सतत खेती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रगति होती है।
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सीधी बिजाई से 25 फीसदी पानी की बचत होती है
कृषि एवं कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक डॉ. राजपाल का कहना है कि धान की सीधी बिजाई से पानी की बचत होती है। वहीं इसमें किसानों की धान की रोपाई में होने वाले खर्च की राशि की भी बचत होती है। वहीं राशि से किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों में मदद मिलेगी।
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सत्यापन के बाद जारी हुआ भुगतान

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, उन सभी किसानों का डेटा पोर्टल पर सत्यापित किया गया था जिन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण कराया था। भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यालय से बजट मिलते ही राशि जारी कर दी गई। इसमें लाभार्थी किसानों की संख्या 3,704 है और 76,99,812 रुपये की राशि जारी की गई है।
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सीधी बिजाई के फायदे

जिले के किसान आमप्रकाश, मंदीप, नरेंद्र, राजमल और रामसिंह आदि का कहना है कि पारंपरिक विधि (कद्दू करके रोपाई) की तुलना में सीधी बिजाई से 20 से 25 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। इसके अलावा, इसमें नर्सरी तैयार करने का खर्च और लेबर की लागत भी काफी कम हो जाती है। वहीं सरकार की ओर से 15 मई के बाद धान की सीधी बिजाई करने की अनुमति है। इससे किसान अगेती किस्म के धान की खेती कर सकते हैं। सरकार के समय पर अनुदान मिलने से अन्य किसान भी भविष्य में जल संरक्षण की इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
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:: सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना है। शेष पात्र किसानों से भी अपील की कि वे अपनी बैंक डिटेल अपडेट रखें ताकि तकनीकी कारणों से कोई भुगतान न रुके। विभाग का लक्ष्य आगामी खरीफ सीजन में सीधी बिजाई के रकबे को और अधिक बढ़ाने का है।
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-डॉ. राजेश सिहाग, कृषि विभाग के उप-निदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
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