फतेहाबाद। राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और तेज बनाने की मंशा से शुरू किया गया नया ऑनलाइन पोर्टल फिलहाल तकनीकी खामियों से जूझ रहा है। पोर्टल में आ रही दिक्कतों के चलते रजिस्ट्री के बाद संपत्तियों के इंतकाल दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। इसका असर पटवारियों के काम के साथ आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है।
सरकार ने रजिस्ट्री के बाद इंतकाल प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान बनाने के उद्देश्य से यह पोर्टल शुरू किया था। योजना के अनुसार रजिस्ट्री का रिकॉर्ड स्वतः राजस्व विभाग तक पहुंचना था, ताकि तय समय में इंतकाल दर्ज हो सके। हालांकि तकनीकी समस्याओं के कारण यह व्यवस्था फिलहाल प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही है।
शुरुआती चरण में इस पोर्टल का परीक्षण टोहाना और भट्टूकलां तहसीलों में किया गया था। इसके बाद इसे जिले की सभी तहसीलों में लागू कर दिया गया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 23 जून को पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था की शुरुआत की थी।
पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी बाधाओं के कारण राजस्व विभाग का काम प्रभावित हो रहा है। इंतकाल लंबित रहने से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जबकि पटवारियों को भी लंबित मामलों के निस्तारण में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विभाग को उम्मीद है कि तकनीकी खामियां दूर होने के बाद नई व्यवस्था सुचारु रूप से काम करने लगेगी।
लंबित इंतकाल की संख्या लगातार बढ़ रही
रजिस्ट्री का रिकॉर्ड पोर्टल पर सही तरीके से प्रदर्शित नहीं हो रहा या फिर इंतकाल दर्ज करने का विकल्प सक्रिय नहीं हो रहा। कई मामलों में आवेदन लंबित दिख रहे हैं जबकि संबंधित दस्तावेज पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। इससे लंबित इंतकाल की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिन्होंने हाल ही में जमीन या अन्य अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त की है। रजिस्ट्री होने के बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने से उन्हें बैंक ऋण, फसल ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग बार-बार पटवारखानों और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतें
पोर्टल में इन दिनों तकनीकी दिक्कतें आ रही है इसलिए कार्य सुचारू रूप से नहीं चल रहा है। पोर्टल में इंतकाल मलकीयत के खाना नंबर 4 हिंदी में है जबकि नए मालिक के नाम अंग्रेजी में दर्ज हो रहा है जो आधार नंबर से लिंक है। इसके अलावा जमीन के सरसाई के जोड़ में अंतर आ रहा है। ऐसे में आमजन के साथ-साथ पटवारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में आई तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए यूनियन की ओर से चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर सुधार की मांग की गई है। उम्मीद है जल्द दिक्कतों को दूर कर लिया जाएगा।
- सुरेश कुमार, जिला प्रधान, द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन