फतेहाबाद के हुडा सेक्टर में मिले शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाती पुलिस।
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गांव शहीदांवाली निवासी फाइनेंसर की तेजधार हथियार से निर्मम हत्या करके शव लिफाफे और कंबल में बांधकर हुडा सेक्टर 9 में फेंक दिया। फाइनेंसर सोमवार दोपहर को घर से शहर में आया था। मंगलवार सुबह हुडा सेक्टर नौ में ढाणी बनाकर रह रहे लोगों ने सड़क पर शव देखकर पुलिस को सूचना दी। शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र कंबोज, जगदीश चंद्र और सीआईए की टीमें मौके पर पहुंची। जांच के बाद शव को नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह में भिजवा दिया। तीन घंटे बाद शव की पहचान गांव शहीदांवाली निवासी सुखेदव सिंह के रूप में हुई।
मामले के मुताबिक हुडा सेक्टर नौ में मंगलवार सुबह ढाणी में रह रहे युवक नरेंद्र ने सड़क पर कंबल में बंधे व्यक्ति का शव देखा। सूचना मिलते ही शहर थाना, सीआईए टीम मौके पर पहुंची। पुलिस जांच के दौरान व्यक्ति के सिर, होंठ, मुंह और हाथ पर चोट के निशान मिले। शव को पहले लिफाफे में बांधा गया, उसके बाद कंबल में डालकर प्लास्टिक रस्सी से बांध रखा था। जांच के दौरान कपड़ों की जेब से कोई कागज और मोबाइल बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने शव को पहचान के लिए नागरिक अस्पताल में भिजवा दिया। सदर थाना से पुलिस को सूचना मिली कि गांव शहीदांवाली निवासी सुखेदव सिंह सोमवार दोपहर से लापता है। पुलिस ने परिवार के लोगों को बुलाकर शव की पहचान करवाई।
प्लानिंग के तहत की गई हत्या
हत्या को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है। पुलिस के मुताबिक सुखदेव की हत्या को किसी दूसरी जगह पर अंजाम दिया गया है और इसके बाद हुडा सेक्टर 9 में सुनसान जगह पर लाकर शव को सड़क पर फेंका गया। क्योंकि जहां पर शव मिला है वहां पर कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। इसके अलावा न ही खून बिखरा मिला है। बताया जा रहा है कि सुखदेव फाइनेंस के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलर का भी काम कर रहा था। परिवार के मुताबिक सुखदेव की किसी के साथ दुश्मनी भी नहीं था। मृतक का एक बेटा और दो बेटियां है।
मोबाइल पर जा रही घंटी : पुलिस के मुताबिक मृतक का मोबाइन फोन ऑन है और उस पर घंटी जा रही है। लोकेशन मोबाइल फोन की हिसार रोड की तरफ आ रही है। लेकिन पुलिस को मोबाइल बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि सुखदेव के घर पर टाइल लगाने का काम भी चल रहा है।
मंगलवार सुबह कंबल में बंधा शव हुडा सेक्टर से बरामद हुआ था। शव की पहचान हो गई है जो कि शहीदांवाली निवासी की है। मामले में अभी तक परिवार ने बयान दर्ज नहीं करवाए हैं। परिवार के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। - सुरेंद्र कंबोज, शहर थाना प्रभारी।