हरियाणा में विधानसभा चुनाव के बाद फतेहाबाद में मंगलवार को पहली बार नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची कार्यालय पहुंचे और लोगों की शिकायतें सुनी। इसके अलावा अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक की। पार्कों को संस्थाओं को गोद देने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान ईओ सुरेंद्र कुमार, पार्षद ज्योति मेहता, सुरेंद्र डिंगवाल भी मौजूद रहे।
नगर परिषद ने पार्कों को गोद देने के लिए एनजीओ और आरडब्ल्यूए से आवेदन मांगे थे। अधिकारियों के अनुसार 23 पार्कों के लिए 12 संस्थाओं ने आवेदन किए हैं। वहीं श्मशान भूमि सुधार सभा ने तीन वर्ष के सभी पार्कों को गोद लेने के लिए आवेदन किया। नगर परिषद प्रधान ने मांग पत्र पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रधान ने कहा कि श्मशान भूमि सुधार सभा के पास संसाधन और कर्मचारी भी हैं।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि जिन संस्थाओं ने जिस पार्क के लिए आवेदन किया है उसकी सूची तैयार की जा रही है। इसको लेकर उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद संस्थाओं को अलॉट किए जाएंगे। नगर परिषद पार्क की देखरेख करने वाली संस्थाओं को चार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान करती है।
दो माह के लिए रखे 20 कर्मचारी
नगर परिषद की तरफ से पार्कों को पिछले साल भी संस्थाओं को गोद दिया गया था। लेकिन 30 अप्रैल को कार्यकाल खत्म हो गया। जुलाई माह में पार्कों को संस्थाओं को गोद दिया गया। लेकिन दूसरे जिले की संस्थाओं को गोद देने से स्थानीय संस्थाओं ने विरोध कर दिया था। इसके चलते ठेका रद्द कर दिया गया। इसके बाद दो माह के लिए 20 कर्मचारी ठेके पर लगाए गए।
यूनियन पदाधिकारियों ने दिया मांग पत्र
नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची से हुडा सेक्टर के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुलाकात की और डोर टू डोर कचरा उठान करवाने की मांग रखी। प्रधान ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि योजना बनाकर यहां से भी कचरे का उठान करवाया जाए। इसके अलावा नगर पालिका कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर मिले। पदाधिकारियों ने कहा कि नगर परिषद ने कुछ क्षेत्र में सफाई का ठेका दे दिया है लेकिन अभी तक कर्मचारी पूरे नहीं रखे गए हैं और न ही सफाई शुरू हुई है। प्रधान ने कहा कि इस संबंध में वह अधिकारियों से जानकारी लेंगे और इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।