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मां का दूध ही शिशु के लिए संपूर्ण आहार : सपना रानी

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भूना में महिलाओं को स्तनपान और पोषण आहार की जानकारी देतीं सुपरवाइजर सपना नैन।
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भूना। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय भूना सुपरवाइजर सपना रानी ने कहा कि मां का दूध ही बच्चे के लिए पोषण आहार है। नवजात शिशु को मां का दूध जितनी देरी से पिलाया जाएगा, उतना ही उसमें बीमारियों के संक्रमण, कुपोषण व मृत्यु का खतरा बढ़ता रहेगा।
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सुपरवाइजर सपना नैन ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्तनपान नवजात शिशु के जीवित रहने, वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। जन्म के बाद स्तनपान में होने वाली देरी, या स्तनपान न करवाने से शिशुओं में होने वाली मौत का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शिशु के जन्म लेने से लेकर पहले 6 महीने तक पोषण संबंधी सभी जरूरतें मां के दूध से पूरी हो सकती हैं। मां का दूध ही शिशु के लिए भूख-प्यास मिटाने वाला संपूर्ण आहार होता है। हालांकि 6 महीने बाद बच्चे को धीरे-धीरे आहार में आवश्यकता-अनुसार पूरक आहार में ठोस, अर्ध-ठोस या नरम खाद्य पदार्थ को थोड़ी मात्रा में शामिल कर लेना चाहिए। शिशु के लिए मां का दूध पोषक तत्वों का एक आवश्यक स्रोत है और यह रोग प्रतिरोधक बनकर बीमारियों से रोकथाम में मदद करता है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि पूरक आहार के साथ-साथ, स्तनपान कम से कम दो वर्ष की आयु तक जारी रखना चाहिए। कार्यक्रम में महिलाओं को पोषण किट देकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर आंगनबाड़ी वर्कर सुनीता देवी, पिंकल,परमजीत कौर, सुमन देवी,व कविता,अनीता,बिमला देवी आदि मौजूद थी।
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भूना में महिलाओं को स्तनपान और पोषण आहार की जानकारी देतीं सुपरवाइजर सपना नैन।

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