फतेहाबाद। विवाहिता को दहेज के नाम पर मारपीट करने व उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने की दोषी सास व पति को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा की अदालत ने 7-7 साल की कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में 2 फरवरी 2021 को भूना थाना पुलिस ने हिसार के गांव श्यामसुख निवासी बजरंग की शिकायत पर गांव चमारखेड़ा निवासी पवन व उसकी मां चंद्रो उर्फ चंद्रकला के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में बजरंग ने बताया था कि उसकी बेटी रेनू का विवाह 30 जनवरी 2012 को गांव चमारखेड़ा निवासी पवन के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही पवन व उसकी मां चंद्रो उसकी बेटी को कम दहेज लाने के लिए तंग करते थे। इस मामले में कई बार पंचायतें भी हुई और तंग आकर उसकी बेटी ने 2016 में आरोपियाें के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज करवाया था। इसके बाद आपसी पंचायत में मामले को निपटा लिया गया और उन्होंने अपनी बेटी को उसके ससुराल भेज दिया। आरोप था कि इसके बाद भी उसकी बेटी से मारपीट की जाती रही, जिससे तंग आकर 1 फरवरी 2021 को उसकी बेटी ने जहर पीकर अपनी जान दे दी। अदालत ने इस मामले में पवन व चंद्रो देवी गत दिवस ही दोषी करार दिया था। बुधवार को दोनों को 7-7 साल की कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।