फतेहाबाद। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवश्यक उपकरण आपूर्ति करने वाली कंपनी से बिजली निगम नाराज है। कंपनी की लापरवाही के कारण बिजली निगम को अभी तक किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। निगम की परेशानी की वजह ये है कि कंपनी के भरोसे पर अधिकारी किसानों को 31 जुलाई तक ट्यूबवेल कनेक्शन देने का वादा कर बैठे। मगर अगस्त का महीना भी आधा बीत चुका है, लेकिन कंपनी काम ही ढंग से नहीं कर रही। इसको लेकर बिजली निगम के अलग-अलग अधिकारी कंपनी को सौ से ज्यादा बार पत्राचार कर चुके हैं। कंपनी न तो उन पत्रों का ठीक से कोई जवाब देती है और न ही तेजी से काम करती है। सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि जिस कंपनी को यह काम ठेके पर दिया है, वह बंगलूरू की है। वहां से यहां तक सामान पहुंचाने में ही एक सप्ताह तक का समय लग जाता है। स्थिति ये है कि अभी तक भी एक हजार से ज्यादा ट्यूबवेल लग नहीं पाए हैं। धान का सीजन बीत चुका है। इस सीजन के लिए किसानों से आस ही छोड़ दी है। अब बात अगले साल पर चली गई है। किसानों को यह तो भरोसा हो गया है कि ट्यूबवेल कनेक्शन लगेंगे, लेकिन इस सीजन में फायदा नहीं मिलने वाला। गेहूं के सीजन में पानी की जरूरत कम होती है। अब इन ट्यूबवेल का फायदा अगले साल होगा।
यह है अभी तक की स्थिति
जिले में किसानों को 2253 ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाने हैं। 31 जुलाई तक सिर्फ 838 किसानों को ही कनेक्शन मिल पाया। इसी दौरान खूब बारिश हो गई। खेतों में लबालब पानी भर गया। इसके चलते कनेक्शन देने का काम अटक गया। इसके बाद 5 अगस्त को 1349 मोटर पहुंची हैं। निगम ने कहा है कि 18 अगस्त तक काम पूरा हो जाएगा। हालांकि 17 अगस्त तक रतिया में 800 में से 250 कनेक्शन पेंडिंग हैं। जिले में करीब एक हजार कनेक्शन देने बाकी हैं।
एडीसी ने 31 मई को दिया था आश्वासन
किसानों ने मई में ही इस मसले को लेकर विरोध शुरू कर दिया था। 31 मई 2021 को एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल ने रतिया रेस्ट हाउस में ट्यूबवेल कनेक्शन बारे अधिकारियों व किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। एडीसी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 15 जून तक बिजली लाइन व खंभे लगाने का काम पूरा करें। 31 जुलाई तक ट्यूबवेल कनेक्शन व सभी तरह से कार्य पूरे होने चाहिए। इस आश्वासन के बाद किसान शांत हो गए और ट्यूबवेल के लिए पोल आदि बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
सीजन बीत गया, धान पकने को हैं : किसान नेता
धान के सीजन में हमें पानी की जरूरत होती है। इसलिए किसानों ने धरना शुरू किया था। प्रशासन ने 31 मई को आश्वासन दिया था कि 31 जुलाई तक सभी के ट्यूबवेल चालू हो जाएंगे। मगर टालमटोल करते हुए प्रशासन ने पूरा सीजन ही बिता दिया। धान पकने वाले हैं। अभी भी काम आधा ही हो पाया है। प्रशासन व निगम ने किसानों के साथ धोखा किया है।
अमन रतिया, किसान नेता।
कंपनी ने सहयोग नहीं किया : एसई
ट्रांसफार्मर, मोटर व अन्य उपकरण मुहैया करवाने का काम सरकार ने बंगलूरू की एक कंपनी को दिया हुआ है। इस कंपनी की ढिलाई की वजह से निगम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा है। हमने कंपनी के प्रतिनिधियों से सैकड़ों बार फोन पर बात की है। सौ से ज्यादा ई-मेल भेजे। मगर कंपनी ने न तो ढंग से रिप्लाई किया और न ही काम में तेजी दिखाई। फिर भी निगम के प्रयासों से काफी काम पूरा हो चुका है।
-एसएस सांगवान, एसई, बिजली निगम