जिला खेल स्टेडियम भोड़िया खेड़ा में खिलाड़ियों को प्रैक्टिस से ज्यादा बंदरों का सामना करना पड़ रहा है। प्रैक्टिस शुरू करते ही बंदरों का झुंड खिलाड़ियों पर हमला कर रहा है। स्टेडियम में गेट, मैदान हो चाहे हाल सभी जगह बंदरों का जमावड़ा हो रखा है। यहां प्रैक्टिस करने के लिए आने वाले 25 से ज्यादा खिलाड़ियों को बंदर काट चुके हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि खिलाड़ी स्टेडियम में आने से ही कतराने लगे हैं, यहां तक खेल स्टेडियम में तैनात कोच भी डरे हुए हैं।
बंदर सबसे ज्यादा छोटे बच्चों पर हमला कर रहे है। अभिभावकों ने बच्चों को जिला खेल स्टेडियम में भेजना ही बंद कर दिया है। मंगलवार को जिला खेल विभाग के अधिकारियों ने वन्य जीव प्राणी विभाग कार्यालय में शिकायत दी तो अधिकारियों का दो टूक जवाब मिला कि बंदरों को पकड़ने के लिए अनुमति दे सकते हैं, खर्चा उन्हें उठाना पड़ेगा। खेल विभाग के पास बजट बहुत है। अब खर्चे को लेकर खेल विभाग के अधिकारी भी असमंजस में हैं। अधिकारियों का कहना है कि खेल स्टेडियम में गरीब परिवारों के बच्चे प्रैक्टिस करने के लिए आते है,ं उनसे बंदरों को पकड़ने के लिए रुपये नहीं ले सकते हैं।
खेल के अलावा सैर करने आते सैकड़ों लोग
भोड़िया खेड़ा में स्थित जिला खेल स्टेडियम में सुबह और शाम के समय खिलाड़ी एथलेटिक्स, कुश्ती, क्रिकेट, बॉक्सिंग, बैडमिंटन आदि की प्रैक्टिस करने आते है। इसके अलावा सुबह और शाम के समय काफी संख्या में लोग सैर करने के लिए भी आते हैं।
बड़े शिक्षण संस्थानों स्टाफ भी खतरे के साये में
शहर के साथ लगते भोड़िया खेड़ा में जिला खेल स्टेडियम के अलावा राजकीय महिला महाविद्यालय, आईटीआई व प्राइमरी और हाई स्कूल है। यहां का स्टाफ भी बंदरों के कारण पूरी तरह से डरा हुआ है। शिक्षण संस्थानों के स्टाफ का कहना है कि बंदरों के डर से कमरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद करके काम करते है।
डेढ़ लाख रुपये हम कहां से जुटाएंगे
बंदर गेट के पास बैठे रहते हैं और हॉल के अंदर घुस जाते हैं। छोटे बच्चों तक को काट लेते हैं। अब तक करीब 25 बच्चों को काट चुके हैं। वन्य जीव प्राणी विभाग के कार्यालय में गए थे, शिकायत ले ली है लेकिन उन्होंने कहा कि बंदर जो पकड़े जाएंगे, उनका खर्चा उठाना पड़ेगा। यहां पर गरीब परिवारों के बच्चे प्रैक्टिस कर रहे है। डेढ़ लाख रुपये हम कहां से जुटाएंगे।
- अनिल कुमार, कोच, स्टेडियम, भोड़िया खेड़ा।
वन्य जीव प्राणी विभाग को पत्र लिखा है
स्टेडियम में काफी संख्या में बंदर है, यहां पर बच्चे प्रैक्टिस करने के लिए आते हैं तो उन्हें काट लेते हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग को पत्र लिखा है। बंदरों के कारण बच्चे प्रैक्टिस करने के लिए आने से भी डरने लगे है।
- जगजीत सिंह मलिक, जिला खेल अधिकारी।
अनुमति दे सकते हैं, खर्चा खुद उठाना होगा
जिला खेल स्टेडियम में बंदरों को लेकर समय है तो हम सिर्फ बंदरों को पकड़ने की अनुमति दे सकते हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए खेल विभाग को खर्चा खुद उठाना होगा। इसके अलावा पंचायत, नगर परिषद खर्चा उठा सकती है। हमारे पास बंदरों को पकड़वाने के लिए खर्चा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
- जयविंद्र नेहरा, इंस्पेक्टर, वन्य जीव प्राणी विभाग।
ये मामला अभी संज्ञान में आया है। इस संबंध में वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारियों को बुलाया जाएगा और जल्द से जल्द समाधान करवाया जाएगा।
- महावीर कौशिक, उपायुक्त।
जिला खेल स्टेडियम में बंदरों के काटने से घायल खिलाड़ी।- फोटो : Fatehabad