अमेरिका के विभिन्न प्रमुख शहरों में आयोजित 12 दिवसीय नासा शिक्षण कैंप में प्रतिभागी रहा कुनाल बजाज शनिवार रात अपने शहर फतेहाबाद पहुंचा। कुनाल बजाज के प्रथम राष्ट्रीय स्तर शिक्षण कैंप से लौटने पर परिजनों एवं आस-पड़ोस के लोगों ने उसका तिलक लगाकर स्वागत किया।
कैंप से वापस आए कुनाल बजाज ने अपनों के बीच अमेरिका शिक्षण कैंप के अनुभव सांझे करते हुए भारत देश को विदेशों से कहीं अधिक प्रतिभाशाली बताया। बेटे के शिक्षण कैंप से लौटकर आने पर उनके पिता इनेलो जिला प्रवक्ता प्रमोद बजाज ने बताया कि उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर बेहद नाज है।
देश में प्रतिभाएं असीमित, सुविधाएं सीमित -
कुनाल बजाज के अनुसार बात यदि ज्ञान के भंडार की करें तो इस मामले में अमेरिका जैसे विकसित देश से भी भारत देश बहुत आगे है। फर्क सिर्फ इतना रहा है कि अमेरिका जैसे देशों ने प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाता। उन्हें आगे बढ़ने के लिए ठोस नियमावली बनाकर उनका सहयोग किया जाता, जबकि भारत देश में परिस्थितियां इसके बिल्कुल विपरीत रहती हैं।
ये परिस्थितियां करती कमजोर-
कुनाल ने कहा कि हमारे देश में हालात बिल्कुल खराब है -
1 यहां कमजोर आर्थिक स्थिति
2 सरकारी नीतियों का लाभ न मिल पाना
3 शिक्षा नीतियों से लेकर राष्ट्र स्तर के कैंप तक में सिफारिशों पर ज्यादा जोर देना
4 प्रतिभाओं के हौसले पस्त करने का काम भारत में अब भी अधिक होता है।
कुनाल बजाज ने कहा कि देश में अब अच्छे दिन आने वाले हैं का नारा देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जो सरकार बनी है, यदि सही मायनों में वह हर व्यक्ति के लिए अच्छे दिन लाना चाहती है, तो बच्चों को लिए भी अच्छी नीतियां बनाए। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होनहार बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए अब केंद्र सरकार को जमीनी स्तर की ठोस कल्याणकारी नीतियां बनानी ही पड़ेंगी, तभी पूरी दुनिया भविष्य में हमारी प्रतिभाओं का लोहा मानेंगी।
इस अवसर पर कुनाल की दादी माया देवी, पिता प्रमोद बाजाज, माता कविता बजाज, विनोद बजाज, हीना बजाज आदि ने कुनाल को उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस दौरान जगदीश कुकड़ेजा, श्याम मल, अंकित मल, शुभम कुकड़ेजा, गोल्डी मल, शेखर बजाज, चारू बजाज, ममता कुकडे़जा, अमित कालरा, प्रियंका कालरा आदि उपस्थित थे।