फतेहाबाद। प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के बावजूद शहर में जलनिकासी की तैयारियां अधूरी हैं। जनस्वास्थ्य विभाग ने अब तक जालियों की समुचित सफाई नहीं कराई है और कई स्थानों पर सीवर के चैंबर खुले या जर्जर हालत में पड़े हैं। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव और हादसों की आशंका बढ़ गई है।
शहरवासियों अशोक, विनोद, रामपाल और जीतराम ने बताया कि हर वर्ष मामूली बारिश के बाद भी मुख्य बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों की सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। उनका कहना है कि इस बार भी जालियों में कचरा फंसा होने से पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है। तुलसीदास चौक, भट्टूकलां रोड, जवाहर चौक, अशोक नगर और बीघड़ रोड सहित कई क्षेत्रों में नालियों और सीवरेज की सफाई नहीं हुई है।
इन स्थानों पर बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। लोगों ने मांग की है कि विभाग जल्द जालियों और सीवरेज की सफाई पूरी कराए तथा खुले और जर्जर चैंबरों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए ताकि मानसून के दौरान जलभराव और हादसों से बचाव हो सके।
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खुले और जर्जर सीवरेज चैंबर से हादसों की आंशका
शहर में सीवरेज के चैंबर या तो खुले पड़े हैं या उनके ढक्कन पूरी तरह टूटकर जर्जर हो चुके हैं। बारिश के दौरान जब सड़कों पर दो से तीन फीट पानी जमा हो जाता है तो वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को ये खुले चैंबर दिखाई नहीं देते जिससे हादसा हो सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग को बार-बार अवगत कराने के बावजूद इन संवेदनशील जगहों पर नए ढक्कन नहीं लगवाए गए हैं। शहरवासी पवन ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग मानसून को मानसून से पहले शहर में जलनिकासी पूरी तैयारी करनी चाहिए। अगर जल्द ही जालियों की सफाई और सीवरेज के ढक्कन ठीक नहीं किए गए तो पहली तेज बारिश ही शहर की जलनिकासी की व्यवस्था खराब हो सकती है।
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जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जलनिकासी के लिए जालियों की सफाई का काम करवाया जा चुका है। बारिश से पहले शहर के सभी क्षेत्रों के सीवरेज के चैंबर के ढक्कन बदले गए हैं। अगर किसी क्षेत्र में कोई जलनिकासी से संबंधित परेशानी है तो जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा।
- सतपाल रोहज, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।