फतेहाबाद। सफाई ठेका समाप्त होने के बाद शहर के आधे हिस्से में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। एजेंसी ने काम बंद कर दिया जबकि नगर परिषद ने वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। इसका असर कई क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है।
करीब छह माह पहले भी सफाई ठेका समाप्त हुआ था। उस समय पुराने ठेके की अवधि बढ़ा दी गई थी लेकिन इस दौरान नए ठेके की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। अब अवधि समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था ठप हो गई है और लोगों को गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।नगर परिषद ने अब नगर निकाय विभाग को पांच वर्ष के नए सफाई ठेके का प्रस्ताव भेजा है।
प्रस्ताव के अनुसार नई एजेंसी अपनी स्वीपिंग मशीन उपलब्ध कराएगी और मुख्य सड़कों की सफाई मशीन से करेगी। साथ ही एजेंसी को 130 कर्मचारियों की नियुक्ति भी करनी होगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 27.50 करोड़ रुपये रखी गई है। सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और उसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में लगभग छह माह लग सकते हैं। ऐसे में तब तक शहर की सफाई व्यवस्था सुचारु बनाए रखना नगर परिषद के लिए चुनौती बन गया है।
14 वार्डों में बंद हुई सफाई
नगर परिषद प्रशासन ने करीब दो साल पहले आधे शहर में सफाई कार्य के लिए ठेका निजी एजेंसी को दिया गया था। एजेंसी को वार्ड 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 23, 24 में सफाई का जिम्मा दिया गया। यानि भट्टू रोड की तरफ का क्षेत्र में सफाई कार्य निजी एजेंसी कर रही थी। इसके अलावा शहर की तरफ के हिस्से के वार्डों में सफाई का काम नगर परिषद खुद संभाल रही है।
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बाहरी कॉलोनियों में प्रभावित व्यवस्था
एजेंसी के जिम्मे जो हिस्सा दिया गया था उसमें बाहरी कॉलोनियां भी शामिल थी। इनमें पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां पर व्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। शहर के सेकेंडरी कचरा प्वाइंटों से सोमवार को दोपहर बाद उठान हुआ। शहर के मुख्य चौक में कचरे के ढेर लगे रहे। इसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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सफाई का ठेका खत्म हो चुका है। नगर परिषद अधिकारियों को 6 माह का समय मिला था इस दौरान व्यवस्था करनी चाहिए थी। अब 14 वार्डों में सफाई प्रभावित हो रही है। नगर परिषद के पास पहले ही कर्मचारियों का टोटा है। टेंडर तक अस्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
- मोहन लाल नारंग, पार्षद
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ठेका खत्म हो चुका है और नए टेंडर के प्रस्ताव को भेजा गया है। इसी बीच अस्थायी तौर पर व्यवस्था को लेकर भी प्लानिंग बनाई जा रही है।
- महेश कुमार, एसआई, नगर परिषद
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नई पॉलिसी के तहत पांच साल के लिए ठेका दिया जाना है। प्रस्ताव भेजा जा चुका है मंजूरी एक या दो दिन में मिल सकती है। पुराने ठेके को बढ़ाने के लिए विचार चल रहा है।
- बृजलाल, जेई, नगर परिषद