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Fatehabad News: खवाली न होने से नई अनाज मंडी में गेहूं की ढेरियों पर बंदर-कुत्तों की मस्ती

Sun, 05 Apr 2026 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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नई अनाज मंडी में गेहूं की ढेरी पर सोया कुत्ता। संवाद
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फतेहाबाद। नई अनाज मंडी में गेहूं की आवक शुरू होते ही फसल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंडी में जगह-जगह पड़ी गेहूं की ढेरियां असुरक्षित हैं, जहां आवारा कुत्ते और बंदर खुलेआम घूमकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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किसान ट्रॉलियां खाली कर फसल मंडी में छोड़कर घर लौट जाते हैं लेकिन इसके बाद ढेरियों की देखरेख का कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आता। खुले में पड़ी फसल पर पशु न सिर्फ नुकसान कर रहे हैं, बल्कि गंदगी भी फैला रहे हैं जिससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

इस स्थिति पर मार्केट कमेटी और आढ़तियों के बीच जिम्मेदारी पर स्पष्टता नहीं है। मार्केट कमेटी का कहना है कि फसल की रखवाली उनकी जिम्मेदारी नहीं है जबकि आढ़ती इसे किसानों की जिम्मेदारी बता रहे हैं। ऐसे में फसल की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था मंडी में सामने नहीं आ रही। किसानों का कहना है कि मंडी में फसल लाने के बाद उसकी सुरक्षा सुनिश्चित होना जरूरी है ताकि उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।
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एक दूसरे को बता रहे जिम्मेदार

नियमों के अनुसार मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी या आढ़ती की होती है लेकिन वे एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। अनाज मंडी में दिन के समय भी मंडी में कोई उचित देखभाल या सुरक्षा कर्मी नजर नहीं आता, जो इन बेसहारा पशुओं को फसल से दूर रख सके। किसानों का कहना है कि वे अपनी फसल को इस उम्मीद में मंडी में छोड़ जाते हैं कि प्रशासन इसकी सुरक्षा करेगा लेकिन यहां पर फसल सुरक्षित नहीं है।



किसान बोले- फसलों की कटाई करें या मंडी में रखवाली

शहर की नई अनाज मंडी में पहुंचे हुकमचंद नारंग, पवन, विष्णु और अमित आदि ने बताया कि वे रात-दिन जागकर फसल तैयार करते हैं लेकिन मंडी में उनकी फसल की कद्र नहीं हो रही है। सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण मंडी परिसर में आवारा पशुओं का जमावड़ा बढ़ गया है। ये उनकी फसल में गंदगी फैलाते रहते हैं। किसानों ने कहा कि अब वे खेतों में फसल की कटाई करें या मंडी में इन बेसहारा पशुओं से रखवाली करें।



अनाज मंडी की यह अव्यवस्था प्रशासनिक कमी है। मंडी में बंदरों और कुत्तों से गेहूं की ढेरियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसान मंडी में रहकर फसलों की सुरक्षा नहीं कर सकता। अभी वे अगले कई दिन अपनी फसलों की कटाई करने में व्यस्त रहेंगे।

-दीपक, किसान।



किसानों की फसल पर मार्किट फीस चार फीसदी तय की गई है। ऐसे में मंडी में रखी फसलों की रखवाली करना प्रशासन की जिम्मेवारी है। ऐसे में अनाज मंडी में फसल की सुरक्षा के लिए चौकीदार या अन्य कर्मचारियों को तैनात किया जाना चाहिए।

राम नारायण, किसान।

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:: मंडी में रखी फसलों की जिम्मेवारी किसान की है लेकिन आढ़तियों की ओर से फसलों की रखवाली के चौकीदार तैनात किए गए हैं। व्यापार मंडल किसानों की सहायता के लिए हमेशा तैयार है।

- जगदीश भादू, व्यापार मंडल प्रधान, अनाज मंडी फतेहाबाद।



:: मार्किट कमेटी का काम मंडी में पहुंचने वाले किसानों के टोकन काटना व गेट पास जारी करने का है। किसानों से अपील है कि वे अपनी फसलों को सुखाकर ही मंडी में लाए ताकि तुरंत खरीद हो सके।
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- राजेश नैन मंडी सुपरवाइजर, फतेहाबाद।

नई अनाज मंडी में गेहूं की ढेरी पर सोया कुत्ता। संवाद

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