फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौसम में बदलाव और मंकी पॉक्स को लेकर जारी किए गए अलर्ट के चलते वीरवार को जिले के ऑक्सीजन प्लांट जांचने के लिए मॉक-ड्रिल की गई। विभाग की अलग-अलग टीमों ने फतेहाबाद, रतिया और टोहाना में चलाए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फतेहाबाद और टोहाना में प्लांट एक्टिव मिले। जबकि रतिया में सेंसर खराब होने के चलते प्यूरिटी नहीं मिली। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसे अगले सप्ताह तक ठीक करवा दिया जाएगा।
ऑक्सीजन प्लांट की मॉक ड्रिल को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से निर्देश जारी कर रखे हैं। जिले में फतेहाबाद में 500 एलपीएम, रतिया में 250 और टोहाना में 200 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। वीरवार को फतेहाबाद में आईसीएन सुमित्रा, सुपरवाइजर कपिल और टोहाना में बायोमेडिकल इंजीनियर प्रेम कुमार ने निरीक्षण किया। ये ऑक्सीजन प्लांट कोरोना महामारी के दौरान लगाए गए थे। नागरिक अस्पताल में प्लांट से ही इमरजेंसी, वार्ड, आईसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है।
छठे चरण का रैपिड फीवर सर्वे पूरा
डेंगू और मलेरिया पर कंट्रोल को लेकर अप्रैल माह से स्वास्थ्य विभाग का रैपिड फीवर सर्वे चल रहा है। छठे चरण का सर्वे 1 से 10 सितंबर तक चलाया गया। इस दौरान टीम को 2022 बुखार पीडि़त मिले है। मलेरिया जांच को लेकर ब्लड स्लाइड बनाई गई लेकिन पॉजिटिव केस नहीं मिला है। जिले में अब तक डेंगू 7 केस मिल चुके हैं। अब तक सर्वे के दौरान 1967 घरों में लारवा मिलने पर नोटिस जारी हो चुके हैं।
छठे चरण के रैपिड फीवर सर्वे की ये रही रिपोर्ट
डोर टू डोर सर्वे का लक्ष्य - 192158
डोर टू डोर हुआ सर्वे - 142322
सर्वे के दौरान मिले बुखार पीड़ित - 2022
सर्वे के दौरान लारवा मिलने पर जारी हुए नोटिस - 182
जिले में लारवा मिलने पर अब तक जारी हुए नोटिस - 1967
डेंगू और मलेरिया को लेकर जिले में स्थिति कंट्रोल में है। रैपिट फीवर सर्वे के दौरान जो बुखार पीड़ित मिले हैं उनकी ब्लड स्लाइड बनाई गई लेकिन मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। लोगों से अपील है कि अपने घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
- डॉ.विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ