रतिया। नगर पालिका के 11 प्रमुख पार्क जिनमें शहीद देविन्द्र सिंह पार्क, तिकोना पार्क, बाल वाटिका और राम पार्क शामिल हैं खस्ता हालत में हैं। लाखों रुपये खर्च के बावजूद पार्कों में सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। सुबह सैर, योग और ओपन जिम के लिए आने वाले लोगों का सामना गंदगी और टूटी-फूटी संरचनाओं से हो रहा है।
नगर पालिका ने पिछले वर्ष 4.40 रुपये प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से तीन संस्थाओं को पार्कों का रखरखाव सौंपा था। अनुमानित खर्च लगभग 12 लाख रुपये वार्षिक था बावजूद इसके, मॉडल टाउन क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश पार्कों की स्थिति बदहाल बनी हुई है। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि पार्कों के रखरखाव का पिछले वर्ष का टेंडर समाप्त हो गया है। जल्द ही उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद नए टेंडर जारी कर पार्कों के रखरखाव का जिम्मा सक्षम संस्थाओं को सौंपा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि शहीद देविन्द्र सिंह पार्क में रोजाना सैकड़ों लोग सैर और व्यायाम के लिए आते हैं लेकिन सफाई की कमी और कूड़े के ढेर के कारण वातावरण अस्वस्थ और असुविधाजनक हो गया है। इसी तरह शक्ति नगर की बाल वाटिका में टूटी रेलिंग, टूटी कुर्सियां और खराब रखरखाव लोगों के लिए जोखिम और असुविधा उत्पन्न कर रहे हैं। शहरवासियों ने नगर पालिका से मांग की है कि पार्कों में नियमित सफाई, सुरक्षा और टूटे हुए उपकरणों की मरम्मत की जाए। संवाद
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प्रशासन को क्षेत्र के पार्कों के लिए संजीदगी दिखाकर उनका रखरखाव करना चाहिए जब तक टेंडर नहीं होते नगर पालिका अपने लेवल पर पार्कों की सफाई व्यवस्था करवाएं।
- हैप्पी सिंह सेठी।
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पार्क की सफाई व्यवस्था खराब होगी तो लोगों की सेहत पर असर पड़ेगा। शहीद देविन्द्र सिंह के नाम पर बने पार्क की प्रशासन को जल्द सुध लेकर उसे दुरुस्त करवाना चाहिए।
- कृष्ण, चित्रकार।
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शहीद देविन्द्र सिंह देश की शान है उसके नाम पर बने एकमात्र पार्क की व्यवस्था को प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। प्रशासन को इनके रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए।
- गुरमुख सिंह भुलर।
नगर पालिका ने लाखों रुपये से शक्ति नगर स्थित बाल वाटिका को बनवाया था लेकिन रखरखाव न होने से रेलिंग और कुर्सियां टूट रही हैं। इन पार्कों की तरफ ध्यान देना चाहिए।
प्रमोद कक्कड़ रिंका, पूर्व पार्षद।
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कुछ दिन पहले ही पार्कों के रखरखाव का टेंडर खत्म हुआ है। फिलहाल नगर पालिका अपने स्तर पर पार्कों का रखरखाव कर रही है। अगर कोई समस्या है तो उसे सही करवाया जाएगा। जल्द ही जिला नगर आयुक्त की स्वीकृति के बाद संस्थाओं को पार्कों के रखरखाव का टेंडर दोबारा दिया जाएगा।
- ओंकार सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका।