शहर के एक सरकारी राशन डिपो पर गेहूं की बोरियां उतारते मजदूर। फाइल फोटो
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फतेहाबाद। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन डिपो पर सर्दी के मौसम में मिलने वाले बाजरे का इस माह अभी तक वितरण नहीं हो सका है। बात करें तो पिछली बार करीब सात माह तक विभाग की ओर से बाजरे का वितरण किया गया था, लेकिन इस बार अभी तक जिले के सरकारी राशन डिपो पर बाजरे की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय के पास नवंबर माह का बाजरा वितरण शुरू करने के लिए अब तक कोई आधिकारिक एलोकेशन ही नहीं है। इस कारण जिले के हजारों बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना के तहत बाजरा नहीं मिल पा रहा है। बाजरा को सर्दियों का मुख्य आहार माना जाता है, जो शरीर को अंदरूनी गर्माहट प्रदान करता है। गरीबों के लिए यह केवल पोषण का साधन नहीं, बल्कि उनकी रसोई का एक जरूरी हिस्सा भी है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लगभग सात महीने तक लगातार बाजरे का वितरण किया था।
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राशन डिपो पर वितरण न होने से बाजार में बढ़े दाम
बाजरा का वितरण इस बार राशन डिपो न होने का सीधा असर बाजार पर भी पड़ रहा है। बाजार में बाजरे के दाम 24 से 27 रुपये प्रति किलोग्राम तक हैं, जो गरीब परिवारों की जेब पर आर्थिक बोझ है। जबकि डिपो पर यह निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। डिपो धारकों का कहना है कि जब भी कोई लाभार्थी राशन लेने आता है, तो वह सबसे पहले बाजरे की उपलब्धता के बारे में पूछता है। उन्हें यही जवाब देना पड़ रहा है कि अभी तक डिपो पर बाजरा जारी नहीं हुआ है।
बाजरे के वितरण के लिए उन्हें अभी तक उच्चाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही बाजरे की एलोकेशन प्राप्त होगी, तो तुरंत डिपो धारकों के माध्यम से वितरण प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी।
- विनीत जैन, डीएफएससी फतेहाबाद।