फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग की एकीकृत जांच एवं सलाह केंद्र के सदस्यों ने सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपकर विभाग में कार्यरत रह चुके पूर्व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उक्त कर्मचारी के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं, गोपनीयता भंग करने तथा मरीजों को परेशान करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं रमेश ढाका, वीनू, मोनिका आदि ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उक्त पूर्व कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग सिविल सर्जन से की है। सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने जांच करवा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि कुछ अधिकारियों द्वारा विभागीय प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए कार्य किए गए, जिससे मरीजों और कर्मचारियों में असंतोष का माहौल बना।
इनमें एचआईवी एवं आर्ट सेवाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही, मरीजों के डेटा की गोपनीयता में संभावित सेंध तथा अनावश्यक दबाव बनाने की बातों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने दस्तावेज में आरोप लगाया कि दवाइयों, सीटी-4 और वायरल लोड जांच जैसी संवेदनशील सेवाओं के संचालन में पारदर्शिता का अभाव रहा। साथ ही, मरीजों को बिना उचित कारण बार-बार बुलाने, फॉलोअप में देरी तथा कुछ मामलों में दुर्व्यवहार जैसे मामले भी उठाए गए हैं।